नई दिल्ली /मियामी(वीएनआई) 19 जुलाई ''फीफा विश्व कप 2026' के तीसरे स्थान के मुकाबले में भले ही 'फ्रांस' को 'इंग्लैंड' के हाथों 4-6 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन कप्तान 'किलियन एम्बाप्पे' ने अपने शानदार प्रदर्शन से एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। 'मियामी' के प्रतिष्ठित 'हार्ड रॉक स्टेडियम' में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में एम्बाप्पे ने दो शानदार गोल दागे और विश्व कप में अपने कुल गोलों की संख्या 22 तक पहुंचाकर नया कीर्तिमान रच दिया। हार के बावजूद उनका प्रदर्शन पूरे मैच की सबसे बड़ी चर्चाओं में शामिल रहा।
20 दिसंबर 1998 को 'पेरिस' में जन्मे 27 वर्षीय 'किलियन एम्बाप्पे' आधुनिक फुटबॉल के सबसे बड़े सितारों में गिने जाते हैं। अपनी विस्फोटक रफ्तार, बेहतरीन ड्रिब्लिंग, सटीक फिनिशिंग और बड़े मैचों में शानदार प्रदर्शन के कारण उन्होंने कम उम्र में ही विश्व फुटबॉल में विशेष पहचान बना ली है। विश्व कप जैसे सबसे बड़े मंच पर उनका लगातार शानदार प्रदर्शन उन्हें महान खिलाड़ियों की श्रेणी में खड़ा करता है।
इंग्लैंड के खिलाफ कांस्य पदक के इस मुकाबले में एम्बाप्पे ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने दो गोल दागकर फ्रांस की वापसी की उम्मीदें जगाईं और इंग्लैंड की रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाए रखा। हालांकि उनके शानदार प्रदर्शन के बावजूद फ्रांस मैच अपने नाम नहीं कर सका और इंग्लैंड ने 6-4 से जीत दर्ज कर कांस्य पदक हासिल किया।
इस मुकाबले में कुल 10 गोल हुए, जिसने इसे विश्व कप इतिहास के सबसे रोमांचक तीसरे स्थान के मुकाबलों में शामिल कर दिया। दोनों टीमों ने आक्रमणकारी फुटबॉल का शानदार प्रदर्शन किया और दर्शकों को अंतिम सीटी तक रोमांचित रखा। फुटबॉल विशेषज्ञों के अनुसार, यह मैच लंबे समय तक अपनी तेज रफ्तार, लगातार गोलों और यादगार व्यक्तिगत प्रदर्शनों के लिए याद किया जाएगा।
एम्बाप्पे के लिए यह मुकाबला व्यक्तिगत रूप से बेहद खास रहा। दो गोलों के साथ उन्होंने विश्व कप में अपने कुल 22 गोल पूरे किए और इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ गोल स्कोररों में अपनी जगह और मजबूत कर ली। इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करना उनकी निरंतरता, प्रतिभा और बड़े मंच पर दबाव झेलने की क्षमता का प्रमाण माना जा रहा है।
फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एम्बाप्पे इसी तरह प्रदर्शन करते रहे तो आने वाले वर्षों में वे विश्व कप के कई और बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं। उनकी गति, तकनीक और गोल करने की क्षमता उन्हें वर्तमान दौर के सबसे खतरनाक फॉरवर्ड खिलाड़ियों में शामिल करती है।
भले ही 'फ्रांस' इस बार कांस्य पदक जीतने से चूक गया, लेकिन 'किलियन एम्बाप्पे' ने अपने दो गोलों और विश्व कप में 22 गोल के कीर्तिमान के साथ यह साबित कर दिया कि बड़े मंच पर उनका प्रभाव आज भी उतना ही मजबूत है। हार के बीच भी उन्होंने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों को एक बार फिर उनका मुरीद बना दिया।
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