नीरज चोपड़ा स्वर्ण से चूके, श्रीलंका के रुमेश बने नए चैंपियन

By VNI India | Posted on 2nd Aug 2026 | खेल
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नई दिल्ली (वीएनआई) 2 अगस्त    ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 की पुरुष भाला फेंक स्पर्धा में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला। श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने 89.75 मीटर का शानदार थ्रो कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा 85.83 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ रजत पदक जीतने में सफल रहे, जबकि भारत के यशवीर सिंह ने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। वहीं, पाकिस्तान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम इस बार पदक जीतने में सफल नहीं हो सके। इस परिणाम ने यह संकेत दिया कि दक्षिण एशिया में भाला फेंक का मुकाबला अब केवल भारत और पाकिस्तान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि श्रीलंका भी इस खेल में मजबूत दावेदार बनकर उभरा है।

हालांकि ग्लासगो में नीरज चोपड़ा स्वर्ण पदक से चूक गए, लेकिन यह परिणाम उनके शानदार करियर की चमक को कम नहीं करता। पिछले कुछ वर्षों में नीरज ने भारतीय एथलेटिक्स को जिस ऊंचाई तक पहुंचाया है, वह अभूतपूर्व है। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक 2020 में स्वर्ण पदक जीतकर एथलेटिक्स में भारत को पहला ओलंपिक स्वर्ण दिलाया और इतिहास रच दिया। इसके बाद पेरिस ओलंपिक 2024 में रजत पदक जीतकर वे लगातार दो ओलंपिक में पदक जीतने वाले भारत के पहले ट्रैक एवं फील्ड एथलीट बने।

्गौरतलब है किविश्व स्तर पर भी नीरज का दबदबा लगातार कायम रहा है। उन्होंने 2023 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को पहली बार विश्व चैंपियन बनाया। इसके बाद 2025 विश्व चैंपियनशिप में भी स्वर्ण जीतकर अपनी बादशाहत बरकरार रखी। नीरज 2018 गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता, 2018 एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और डायमंड लीग फाइनल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट भी हैं। उनके नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक रिकॉर्ड दर्ज हैं।

24 दिसंबर 1997 को हरियाणा के पानीपत जिले के खंडरा गांव में जन्मे नीरज चोपड़ा एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता सतीश कुमार चोपड़ा किसान हैं, जबकि उनकी माता सरोज देवी गृहिणी हैं। बचपन में नीरज का वजन काफी अधिक था। परिवार ने उन्हें फिट रखने के लिए स्टेडियम भेजा, जहां उनकी रुचि भाला फेंक में पैदा हुई और यही रुचि आगे चलकर उन्हें विश्व का सर्वश्रेष्ठ एथलीट बना गई।

येह जानना भी दिलचस्प है कि  नीरज भारतीय सेना की राजपूताना राइफल्स में सूबेदार के पद पर कार्यरत हैं। सेना ने उनके प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। खेल के प्रति उनका अनुशासन, सादगी और समर्पण उन्हें देश के सबसे लोकप्रिय खिलाड़ियों में शामिल करता है।

आपको बता दें कि व्यक्तिगत जीवन में भी नीरज ने सादगी को प्राथमिकता दी। उन्होंने जनवरी 2025 में हिमानी मोर से एक निजी समारोह में विवाह किया। हिमानी हरियाणा से हैं और पूर्व टेनिस खिलाड़ी रही हैं। विवाह समारोह में केवल परिवार और करीबी लोग शामिल हुए थे। नीरज ने स्वयं सोशल मीडिया के माध्यम से अपने प्रशंसकों को इस खुशखबरी की जानकारी दी थी।

्गौरतलब है कि  नीरज चोपड़ा को खेलों में उनके असाधारण योगदान के लिए अर्जुन पुरस्कार, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न, पद्म श्री और परम विशिष्ट सेवा पदक सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। उन्होंने न केवल भारत को विश्व मंच पर गौरवान्वित किया, बल्कि देश के लाखों युवाओं को एथलेटिक्स अपनाने की प्रेरणा भी दी। ग्लासगो में भले ही स्वर्ण पदक श्रीलंका के रुमेश थरंगा के नाम रहा हो, लेकिन नीरज चोपड़ा आज भी भारतीय खेलों की सबसे बड़ी पहचान और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ भाला फेंक खिलाड़ियों में शामिल हैं। उनसे आने वाली विश्व प्रतियोगिताओं और ओलंपिक में एक बार फिर स्वर्णिम प्रदर्शन की उम्मीदें बरकरार हैं।



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