नई दिल्ली, (वीएनआई) 07 जुलाई, विश्व फुटबॉल में यदि किसी खिलाड़ी ने अपनी ताकत, रफ्तार और गोल करने की असाधारण क्षमता से नई पहचान बनाई है, तो वह हैं नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर *अर्लिन ब्रॉट होलन**। फीफा विश्व कप 2026 में उन्होंने न केवल अपनी टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, बल्कि ब्राज़ील जैसी पांच बार की विश्व चैंपियन टीम को हराकर नॉर्वे के फुटबॉल इतिहास का सबसे सुनहरा अध्याय भी लिख दिया।
21 जुलाई 2000 को इंग्लैंड के लीड्स में जन्मे हालैंड के पिता अल्फ-इंगे होलान भी पेशेवर फुटबॉलर रहे हैं। बचपन में परिवार नॉर्वे लौट आया, जहां से अर्लिन ने अपने फुटबॉल करियर की शुरुआत की। ब्रायने क्लब से निकलकर उन्होंने मोल्डे, रेड बुल साल्ज़बर्ग, बोरूसिया डॉर्टमुंड और फिर मैनचेस्टर सिटी तक का सफर तय किया। हर क्लब में उन्होंने गोलों की झड़ी लगाई और दुनिया के सबसे घातक स्ट्राइकरों में अपनी जगह बनाई।
होलन के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट 2019 का फीफा अंडर-20 विश्व कप रहा। होंडुरास के खिलाफ एक ही मैच में नौ गोल दागकर उन्होंने विश्व रिकॉर्ड बनाया और पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इसके बाद यूईएफए चैंपियंस लीग में रेड बुल साल्ज़बर्ग और फिर बोरूसिया डॉर्टमुंड के लिए शानदार प्रदर्शन ने उन्हें विश्व फुटबॉल का सुपरस्टार बना दिया।
फीफा विश्व कप 2026 में हालैंड ने अपने करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक ब्राज़ील के खिलाफ खेली। नॉकआउट मुकाबले में उन्होंने दो शानदार गोल दागकर नॉर्वे को 2-1 की ऐतिहासिक जीत दिलाई। इस जीत के साथ नॉर्वे पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचा। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें **प्लेयर ऑफ द मैच** चुना गया
मैच के बाद होलन का जश्न भी चर्चा का विषय बना। आमतौर पर गोल करने के बाद अपनी जर्सी उतारकर जश्न मनाने वाले हालैंड ने इस बार जर्सी उतारना शुरू तो किया, लेकिन तुरंत रुक गए। दरअसल, फीफा के नियमों के अनुसार जर्सी उतारने पर पीला कार्ड मिल सकता है। नॉकआउट मुकाबले की अहमियत को देखते हुए उन्होंने संयम दिखाया और कार्ड से बचने के लिए जर्सी वापस नीचे कर ली। इसके बाद उन्होंने टीम के साथ नॉर्वे का प्रसिद्ध **'वाइकिंग रो'** सेलिब्रेशन किया, जिसने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं।
विश्व कप में होलन लगातार गोल दागते हुए गोल्डन बूट की दौड़ में भी शीर्ष दावेदारों में बने हुए हैं। उनकी रफ्तार, छह फुट चार इंच से अधिक लंबा कद, हवाई गेंदों पर बेहतरीन नियंत्रण और दोनों पैरों से सटीक फिनिशिंग उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक स्ट्राइकरों में शामिल करती है।
होलन की उपलब्धियों की सूची भी बेहद प्रभावशाली है। उन्होंने प्रीमियर लीग गोल्डन बूट, प्रीमियर लीग प्लेयर ऑफ द सीज़न, यूईएफए चैंपियंस लीग टॉप स्कोरर, यूरोपियन गोल्डन शू, पीएफए प्लेयर्स प्लेयर ऑफ द ईयर सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान जीते हैं। नॉर्वे की राष्ट्रीय टीम के लिए भी वह सर्वाधिक प्रभावशाली खिलाड़ियों में गिने जाते हैं और अनेक गोल रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं।
आज अरलिन होलन केवल एक स्टार फुटबॉलर नहीं, बल्कि नॉर्वे की नई पहचान बन चुके हैं। उनकी मेहनत, अनुशासन और कभी हार न मानने वाला जज़्बा दुनिया भर के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। विश्व कप 2026 में उनका प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि असाधारण प्रतिभा जब कड़ी मेहनत से मिलती है, तो इतिहास रचा जाता है।
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