नई दिल्ली (वीएनआई) 27 जुलाई ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में दमदार शुरुआत की है। अब तक भारत के खाते में एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक आ चुके हैं। सबसे बड़ी सफलता स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने दिलाई, जिन्होंने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स का खिताब अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने नया गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया।
भारत के लिए रिशिकांता सिंह ने पुरुष 60 किलोग्राम भारवर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। उन्होंने स्नैच में नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया और देश के पहले सक्षम (एबल-बॉडीड) पदक विजेता बने। वहीं मुथुपांडी राजा ने पुरुष 65 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर भारत की झोली में एक और सफलता डाली। भारत का पहला पदक झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग के पुरुष हैवीवेट वर्ग में कांस्य पदक जीतकर दिलाया।
मीराबाई चानू मणिपुर की रहने वाली हैं और ओलंपिक रजत पदक विजेता होने के साथ-साथ विश्व चैंपियन भी रह चुकी हैं। उनकी निरंतर सफलता भारतीय वेटलिफ्टिंग की पहचान बन चुकी है। रिशिकांता सिंह और मुथुपांडी राजा देश के उभरते हुए वेटलिफ्टर हैं, जिन्होंने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान बनाई है। वहीं झंडू कुमार ने पैरा खेलों में भारत की बढ़ती ताकत का परिचय दिया है।
भारतीय दल से आने वाले दिनों में मुक्केबाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, कुश्ती और अन्य स्पर्धाओं में भी पदकों की उम्मीद है। शुरुआती प्रदर्शन ने संकेत दिया है कि इस बार भी भारत कॉमनवेल्थ गेम्स में मजबूत चुनौती पेश करने के लिए तैयार है।
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