नई दिल्ली, 11 जुलाई, (वीएनआई) भारत में मानसून एक बार फिर पूरी सक्रियता के साथ उत्तर, पूर्व, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के बड़े हिस्से को भिगोने के लिए तैयार है। अगले एक सप्ताह तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा और कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। राजधानी दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और मेघालय के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय मानसूनी प्रणाली के कारण 17 जुलाई तक अनेक क्षेत्रों में लगातार वर्षा का दौर बना रह सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। बीच-बीच में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ सकती हैं। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आने और उमस से राहत मिलने की संभावना है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और दैनिक जीवन प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी।
उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी अच्छी बारिश हो सकती है। बिहार में भी अधिकांश क्षेत्रों में तेज बारिश का अनुमान है। यह वर्षा खरीफ फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है, हालांकि लगातार बारिश से कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।
पंजाब और हरियाणा में भी अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। बारिश से किसानों को राहत मिलेगी, लेकिन शहरी क्षेत्रों में जलभराव और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते भूस्खलन, अचानक बाढ़ और पहाड़ी मार्गों के अवरुद्ध होने का खतरा बढ़ गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। संवेदनशील इलाकों में प्रशासन भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून का प्रभाव पूरी तरह बना रहेगा। विशेष रूप से मेघालय में अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई स्थानों पर तेज बारिश का अनुमान है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। वहीं कोंकण, गोवा, गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ के साथ-साथ महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी अच्छी वर्षा जारी रह सकती है। दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में भी कई स्थानों पर बारिश का सिलसिला बना रहने के आसार हैं।
लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए लोगों को नदियों और उफनते नालों से दूर रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने तथा खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अगले सात दिनों तक मानसून के पूरी तरह सक्रिय रहने के संकेत हैं, जिससे देश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज होने की संभावना है। मानसून की यह सक्रियता जहां किसानों के लिए राहत लेकर आएगी, वहीं शहरी क्षेत्रों में प्रशासन के सामने जल निकासी और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की चुनौती भी खड़ी कर सकती है।
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