नई दिल्ली, 29 अक्टूबर, (वीएनआई) सर्वोच्च न्यायलय ने देश की राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण पर सख्ती दिखाते हुए आज कहा कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता दयनीय और भयानक है।
सर्वोच्च न्यायलय ने दिल्ली सरकार को उन वाहनों की तत्काल पहचान करने का निर्देश दिया जो उत्सर्जन मानकों के अनुरूप नहीं हैं। न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यी खंडपीठ ने सरकार के वकील से पूछा कि, समाचार पत्रों में कहा जा रहा है कि, सुबह शाम वॉक के लिए ना निकले, दिल्ली की हवा बेहद ही खराब हो चुकी है। न्यायलय ने कहा कि, जब शाम को पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर जाएं तो वहां सैकड़ों गरीब रिक्शा वाले दिखेंगे। उनके पास बाहर काम करने के आलावा कोई विकल्प नहीं है। सैकड़ों लोग अपनी आजीविका कमा रहे हैं ... आप उन्हें कैसे कहते हैं? क्या आप उन्हें इस प्रदूषण में काम करके खुद को मारने के लिए कहेंगे?
न्यायलय ने आगे दिल्ली में बाहर से आने वाली 10 साल और 15 साल पुरानी डीजल और पेट्रोल वाहनों को रोकने के आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए कहा है। न्यायलय ने साथ ही सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को दिल्ली में प्रदूषण संबंधी शिकायत दर्ज करने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाने को कहा है। न्यायलय का कहना है कि दिल्लीवाले प्रदूषण को लेकर अपनी शिकायतें यहां कर सकेंगे।
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