द हेग 10 मई (वीएनआई) इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगा दी है. पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जाधव को कथित जासूसी के आरोप में फांसी की सज़ा सुनाई थी. हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने इस मामले में पाकिस्तान से ये सुनिश्चित करने को कहा है कि कुलभूषण सुधीर जाधव को सभी विकल्पों पर विचार करने से पहले फांसी न दी जाए. हालांकि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की तरफ़ से इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है. बता दें कि पाकिस्तान ने जासूसी के आरोप में उन्हें एक साल से भी अधिक समय से हिरासत में रखा है. कुलभूषण जाधव 10 अप्रैल को पाकिस्तान की अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी.
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, भारत ने पाकिस्तान के फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल द्वारा पिछले महीने जाधव को मौत की सजा सुनाये जाने के खिलाफ सोमवार को हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) में अपना पक्ष रखा था। उसी आधर पर आईसीजे ने स्थगन आदेश दिया है।हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) ने भारत की ओर से यह कहा गया कि नौसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद व्यवसाय कर रहे जाधव का ईरान से अपहरण किया गया था, उन्हें मिली फांसी की सजा की तामील पर स्थगन लगा दिया है.
गौरतलब है कि पाकिस्तान ने जाधव को पिछले साल 3 मार्च को निर्विवाद बलूचिस्तान प्रांत से भारतीय जासूस बताकर गिरफ्तार किया गया था.उसी अधार पर पाकिस्तान के फिल्ड जनरल कोर्ट मार्शल द्वारा पिछले महीने जाधव को मौत की सजा सुनाई गई थी. पाकिस्तानी वेबसाइट के अनुसार, कुलभूषण को भारतीय रॉ एजेंट , पूर्व नौसैनिक बताया गया है भारत यह स्वीकार करता है कि जाधव ने नौसेना में सेवा दी है, लेकिन इसे इनकार करता है कि अब उसका सरकार से कोई लेना-देना है.