नई दिल्ली/ भोपाल, 29 अक्टूबर ( वीएनआई) उन्नीस महीने के चीते कूनो को किसी निर्दयी ने मार डाला हैं.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी चीता पुनर्वास परियोजना के तहत अफ्रीका से भारत लाए गए चीतों में से एक ्के 19 महीने शिशु चीते कीगोली के छर्रे लगने से मौत हो गई.मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क की मादा चीता निर्वा के 19 महीने के नर शावक के शरीर से ऑपरेशन के दौरान गोली के पांच छर्रे निकाले गए.
इस घटना के बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय टीम भेजी है.मध्य प्रदेश सरकार ने भी वन और पुलिस अधिकारियों की विशेष जांच टीम गठित की है.
इस टीम में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के वन महानिरीक्षक, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के अतिरिक्त निदेशक और ब्यूरो के क्षेत्रीय उपनिदेशक शामिल हैं.
यह घटना ऐसे समय हुई है जब भारत में चीतों को फिर से बसाने की परियोजना के तहत उनकी संख्या बढ़ाने के साथ उनके संरक्षण और निगरानी पर साल 2022 से पहल शुरू की गई. कूनो चीता अभ्यारण्य में बोत्स्वाना, दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से २९ चीते भारत लाये जा चुके हैं ताकि भारत मे विलुप्त हो रहे चीतों की संख्या को प्रजनन के जरिये बढाया जा सके.
रेडियो कॉलर के ज़रिए लगातार मॉनिटरिंग के बावजूद इस घटना का होना चिंताजनक बताया जा रहा है तस्वीर)
प्राप्त जानकारी के अनुसार कूनो चीता को 25 अक्टूबर को श्योपुर टेरिटोरियल फॉरेस्ट डिवीजन के कंपार्टमेंट नंबर 748 के इलाके में घायल हालत में पाया गया था.
शुरुआती एक्स-रे में चीते के शरीर के अलग-अलग हिस्सों में कई फ़ॉरेन ऑब्जेक्ट्स दिखाई दिए थे. इसके बाद उसका इलाज शुरू किया गया. विशेषज्ञों से सलाह के बाद घायल चीते को जबलपुर स्थित नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के पशु शल्य चिकित्सा और रेडियोलॉजी विभाग में भेजा गया. वहां चीते के शरीर से पांच फायरआर्म पैलेट यानी बंदूक के छर्रे निकाले गए". लेकिन कूनो बचाया नही जा सका. वी एन आई समाचार सेवा
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