लंदन 12 जुलाई अनुपमा जैन( वीएनआई) भारत की सानिया मिर्जा ने इतिहास रचते हुए स्विटज़रलैंड की मार्टिना हिंगिस के साथ एकटेरिना मकरोवा और इलेना वेसनिना की दूसरी वरीयता प्राप्त रूसी जोड़ी को 5-7, 7-6 और 7-5 से हरा कर विम्बलडन वुमेंस डबल्स खिताब अपने नाम कर लिया , सानिया- हिंगिस की जोड़ी शीर्ष वरीयता प्राप्त जोड़ी है.ये कारनामा करने वाली सानिया पहली भारतीय महिला हैं। इससे पहले इस भारतीय खिलाड़ी ने मिश्रित युगल में ऑस्ट्रेलियन, फ्रेंच और यूएस ओपन के खिताब भी जीते हैं।
विंबलडन के सेंटर कोर्ट पर दो घंटे सैंतालीस मिनट तक चले मुकाबले में सानिया और हिंगिस ने रूस की येकातेरिना मकारोवा और एलेना वेज़्निना को हराया.सानिया-मार्टिना हिंगिस की विजेता जोड़ी को 5.47 लाख डॉलर (3.34 करोड़ रु.) इनामी राशि मिली।
पहला सेट 5-7 से गंवाने के बाद सानिया-हिंगिस की जोड़ी ने जबरदस्त वापसी करते हुए दूसरा सेट ट्राई ब्रेकर में खींचा और आखिर में 7-6 से अपने नाम कर लिया। वहीं तीसरे सेट में भी इस जोड़ी ने बेहद जुझारू खेल दिखाया और एक वक्त 5-2 से पिछड़ रही इस शीर्ष वरीयता प्राप्त जोड़ी ने लगातार पांच गेम जीतते हुए खिताब अपने नाम कर लिया।
28 साल की सानिया विम्बलडन के फाइनल में पहली बार पहुंची थी। उनके लिए महिलाओं का पहला डबल्स ग्रैंड स्लैम खिताब है. जबकि 34 साल की मार्टिना हिंगिस के लिए ये दसवां ग्रैंड स्लैम है.हिंगिस ने 1997 में विंबलडन का सिंगल्स खिताब जीता था. वो 1996 और 1998 में महिलाओं का डबल्स खिताब जीत चुकी हैं.
उल्लेखनीय है कि साल 2009 में महेश भूपति के साथ ऑस्ट्रेलियन ओपन का मिक्स्ड डबल्स जीतकर सानिया ग्रैंड स्लैम जीतने वाली पहली भारतीय बन गई थीं. सानिया ने 2012 में भी महेश भूपति के साथ फ्रेच ओपन मिक्स डबल्स खिताब जीता। 2014 में उन्होने ब्राजील के ब्रूनो सुआरेस के साथ यूएस ओपन मिक्स डबल्स खिताब जीता। सानिया 2011 में फ़्रेंच ओपन का महिलाओं का डबल्स जीतने से चूक गई थीं तब एलेना वेज़्निना उनकी जोड़ीदार थीं.
सानिया को पूरे करियर में 50 लाख डॉलर (रु. 31.60 करोड़) प्राइज मनी मिल चुकी है।
गौरतलब है कि मिक्स्ड डबल्स के क्वार्टर फाइनल मुक़ाबले में सानिया मिर्जा और ब्राज़ील के ब्रूनो सोरेस की जोड़ी को ऑस्ट्रिया के एलेक्जेंडर पेया और हंगरी की टिमिया बाबोस ने तीन सेटों के संघर्ष में के बाद पराजित होना पड़ा था