नई दिल्ली (वीएनआई ) 10 जुलाई फीफा विश्व कप 2026 अब अपने सबसे रोमांचक दौर में प्रवेश कर चुका है। 48 टीमों से शुरू हुआ यह सफर अब केवल आठ टीमों तक सिमट चुका है और हर मुकाबला इतिहास रचने की क्षमता रखता है। दुनिया की निगाहें अब क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल की जंग पर टिकी हैं, जहां एक छोटी सी गलती भी चार साल के सपने को चकनाचूर कर सकती है।
विश्व कप का पहला क्वार्टर फाइनल फ्रांस और मोरक्को के बीच खेला गया। अफ्रीका की उम्मीदों का प्रतिनिधित्व कर रहे मोरक्को ने पूरे जज़्बे के साथ मुकाबला किया, लेकिन फ्रांस का अनुभव और आक्रामक खेल भारी पड़ा। फ्रांस ने 2-0 से जीत दर्ज कर लगातार दूसरे विश्व कप में सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया। इस जीत के साथ फ्रांस ने यह भी साबित किया कि वह लगातार तीसरी बार विश्व कप फाइनल की दौड़ में बने रहने का दम रखता है।
फ्रांस की जीत में किलियन एम्बाप्पे एक बार फिर सबसे बड़े सितारे बनकर उभरे। उनकी गति, ड्रिब्लिंग और निर्णायक मौकों पर सही फैसले लेने की क्षमता ने मोरक्को की मजबूत रक्षापंक्ति को कई बार असहाय कर दिया। एम्बाप्पे गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं और विश्व कप इतिहास में 30 वर्ष की आयु से पहले 20 गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर चुके हैं।
अब सभी की निगाहें आज होने वाले स्पेन और बेल्जियम के मुकाबले पर टिकी हैं। स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार रक्षात्मक खेल दिखाया है और अब तक विपक्षी टीमों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया है। दूसरी ओर बेल्जियम ने अमेरिका पर प्रभावशाली जीत दर्ज कर आत्मविश्वास हासिल किया है। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला केवल सेमीफाइनल का टिकट ही नहीं, बल्कि यूरोपीय फुटबॉल की श्रेष्ठता का भी इम्तिहान माना जा रहा है। विजेता टीम सेमीफाइनल में फ्रांस से भिड़ेगी।
11 जुलाई को दो और हाई-वोल्टेज क्वार्टर फाइनल खेले जाएंगे। इंग्लैंड का सामना इस विश्व कप की सबसे बड़ी सरप्राइज टीम नॉर्वे से होगा। नॉर्वे ने प्री-क्वार्टर फाइनल में ब्राजील जैसी दिग्गज टीम को हराकर पूरे फुटबॉल जगत को चौंका दिया था। दूसरी ओर इंग्लैंड लगातार संतुलित प्रदर्शन करते हुए खिताब की ओर बढ़ रहा है।
दूसरे मुकाबले में अर्जेंटीना और स्विट्जरलैंड आमने-सामने होंगे। मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना का अनुभव और आक्रामक फुटबॉल उसकी सबसे बड़ी ताकत है, जबकि स्विट्जरलैंड ने अनुशासित खेल और मजबूत डिफेंस के दम पर अंतिम आठ में जगह बनाई है। यह मुकाबला भी बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।
इस विश्व कप की एक और खास बात यह है कि यूरोपीय टीमों का दबदबा एक बार फिर साफ दिखाई दे रहा है। फ्रांस, स्पेन, बेल्जियम, इंग्लैंड, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड जैसी टीमें खिताब की मजबूत दावेदार बनी हुई हैं, जबकि दक्षिण अमेरिका की ओर से अर्जेंटीना और अफ्रीका की चुनौती मोरक्को के बाहर होने के बाद समाप्त हो चुकी है।
टूर्नामेंट के अंतिम चरण से पहले फीफा ने वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) प्रणाली में भी बड़ा बदलाव किया है। रेफरिंग को लेकर उठे सवालों के बाद शेष मुकाबलों के लिए VAR अधिकारियों को स्टेडियम के भीतर तैनात करने का फैसला लिया गया है, ताकि फैसले अधिक तेज़ और पारदर्शी हो सकें।
अब हर मुकाबला 'करो या मरो' की स्थिति में है। एक ओर फ्रांस सेमीफाइनल में पहुंच चुका है, जबकि दूसरी ओर स्पेन, बेल्जियम, इंग्लैंड, नॉर्वे, अर्जेंटीना और स्विट्जरलैंड विश्व कप ट्रॉफी के अपने सपने को साकार करने के लिए पूरी ताकत झोंकने को तैयार हैं। आने वाले कुछ दिन तय करेंगे कि 2026 का नया विश्व विजेता कौन बनेगा।
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