नई दिल्ली (वी एन आई ) 13 जुलाई, लंदन के प्रतिष्ठित सेंटर कोर्ट पर खेला गया विंबलडन 2026 पुरुष एकल फाइनल टेनिस प्रेमियों के लिए लंबे समय तक यादगार रहेगा। इटली के 24 वर्षीय जैनिक सिनर ने शानदार वापसी करते हुए जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव को 6-7(7), 7-6(2), 6-3, 6-4 से हराकर लगातार दूसरी बार विंबलडन का ताज अपने नाम कर लिया। तीन घंटे से अधिक समय तक चले इस मुकाबले में हर अंक पर रोमांच चरम पर था और दर्शकों की धड़कनें आखिरी गेम तक बढ़ी रहीं।
इटली के उत्तरी क्षेत्र साउथ टायरोल के खूबसूरत नगर **सान कैंडिडो (इनिचेन)** में जन्मे जैनिक सिनर इस मुकाबले में **विश्व नंबर एक** खिलाड़ी के रूप में उतरे थे। दूसरी ओर **29 वर्षीय** अलेक्जेंडर ज्वेरेव, जिनका जन्म **हैम्बर्ग, जर्मनी** में हुआ, **विश्व नंबर तीन** की रैंकिंग के साथ अपने पहले विंबलडन खिताब की उम्मीद लेकर कोर्ट पर उतरे थे।
मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों खिलाड़ियों ने आक्रामक अंदाज अपनाया। दमदार सर्विस, सटीक ग्राउंड स्ट्रोक और बेहतरीन रिटर्न के कारण शुरुआती सेट में किसी भी खिलाड़ी को ब्रेक का मौका नहीं मिला। पहला सेट टाई-ब्रेक तक पहुंचा, जहां ज्वेरेव ने दबाव में शानदार संयम दिखाते हुए बढ़त हासिल कर ली।
पहला सेट गंवाने के बावजूद सिनर बिल्कुल भी विचलित नहीं हुए। उन्होंने धैर्य बनाए रखा और दूसरे सेट में अपनी रणनीति बदलते हुए लगातार आक्रामक रिटर्न खेलने शुरू किए। यह सेट भी बेहद कांटे का रहा और एक बार फिर फैसला टाई-ब्रेक में पहुंचा। इस बार सिनर ने शानदार नियंत्रण और आत्मविश्वास के साथ टाई-ब्रेक जीतकर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। यही वह पल था, जहां मैच का रुख बदलना शुरू हुआ।
तीसरे सेट में सिनर ने अपने खेल की रफ्तार और बढ़ा दी। उन्होंने ज्वेरेव की सर्विस तोड़ते हुए निर्णायक बढ़त बनाई। उनकी तेज़ मूवमेंट, सटीक कोर्ट कवरेज और आक्रामक फोरहैंड ने ज्वेरेव को लगातार दबाव में रखा। सिनर ने 6-3 से तीसरा सेट जीतकर पहली बार मैच पर पूरी तरह पकड़ बना ली।
चौथे सेट में मुकाबला अपने चरम रोमांच पर पहुंच गया। ज्वेरेव ने दमदार सर्विस और शानदार बैकहैंड विनर्स लगाकर वापसी की भरपूर कोशिश की, लेकिन सिनर ने हर चुनौती का शांत दिमाग से जवाब दिया। मैच का सबसे यादगार क्षण तब आया जब दोनों खिलाड़ियों के बीच 20 से अधिक शॉट्स की लंबी रैली चली और अंत में सिनर ने शानदार क्रॉस-कोर्ट फोरहैंड विनर लगाकर पूरा स्टेडियम खड़ा कर दिया। तालियों की गूंज से सेंटर कोर्ट देर तक गूंजता रहा।
जब सिनर खिताबी जीत के लिए सर्विस करने आए, तब पूरे स्टेडियम में जबरदस्त उत्साह था। उन्होंने बिना किसी गलती के निर्णायक गेम अपने नाम किया और जीत सुनिश्चित होते ही दोनों हाथ हवा में उठाकर खुशी का इजहार किया। मैच समाप्त होने के बाद दोनों खिलाड़ियों ने नेट पर एक-दूसरे को गले लगाया और दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाते हुए दोनों खिलाड़ियों के संघर्ष और खेल भावना का सम्मान किया।
इस जीत के साथ जैनिक सिनर ने **लगातार दूसरा विंबलडन खिताब** और अपने करियर का **पांचवां ग्रैंड स्लैम एकल खिताब** जीत लिया। विश्व नंबर एक खिलाड़ी के रूप में उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि मौजूदा दौर में निरंतरता, मानसिक मजबूती और तकनीकी कौशल के मामले में उनका कोई सानी नहीं है।
हालांकि अलेक्जेंडर ज्वेरेव ट्रॉफी जीतने से चूक गए, लेकिन उनका प्रदर्शन किसी भी मायने में कम नहीं था। उन्होंने विश्व नंबर एक खिलाड़ी को हर सेट में कड़ी चुनौती दी और यह संकेत भी दिया कि आने वाले ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों में वह खिताब के सबसे मजबूत दावेदारों में बने रहेंगे।
विंबलडन 2026 का यह पुरुष एकल फाइनल बेहतरीन सर्विस, लंबी रोमांचक रैलियों, दो शानदार टाई-ब्रेक, अद्भुत खेल कौशल और एक सच्चे चैंपियन की शानदार वापसी के लिए हमेशा याद किया जाएगा। जैनिक सिनर ने केवल एक और ट्रॉफी ही नहीं जीती, बल्कि आधुनिक टेनिस में अपने दबदबे को भी और मजबूत कर दिया।
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