'पी. वी. सिंधु' ने रचा इतिहास, 'जापान ओपन सुपर 750' जीतने वाली पहली भारतीय बनीं, फाइनल

By VNI India | Posted on 19th Jul 2026 | खेल
पीवी सिंधु

नई दिल्ली  /टोक्यो (वी एन आई) 19 जुलाई भारतीय क्रिकेटरों के स्टार खिलाड़ी 'पी. वी. सिंधु' ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपना नाम रखा है। मीडिया के अनुसार, सिंधु ने 19 जुलाई 2026 को जापान की राजधानी टोक्यो में 'जापान ओपन सुपर 750' खेला, महिला एकल फाइनल में मेजबान खिलाड़ी 'अकाने यामागुची' ने 21-17, 21-17 से खिताब जीता। इसके साथ ही वह 'जापान ओपन' का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने।  

यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि सिंधु ने घरेलू दर्शकों के सामने खेल में जापान के पूर्व विश्व नंबर-1 को शामिल किया और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में 'अकाने यामागुची' को सीधे गेम में शामिल किया। पूरे ऑर्केस्ट्रा में सिंधु ने शानदार आक्रामक खेल, रिक्रिएट स्मैश, बेहतरीन नेट प्ले और जबरदस्त कोर्ट ऑफर का प्रदर्शन किया। पहले गेम में बढ़त बनाने के बाद उन्होंने उसे अंत तक बरकरार रखा, जबकि दूसरे गेम में यामागुची ने वापसी का प्रयास किया, लेकिन सिंधु ने धैर्य और अनुभव के दम पर मैच अपने नाम कर लिया।  इस जीत के साथ सिंधु ने अपने करियर का पहला 'बीडब्ल्यूएफ सुपर 750' खिताब भी जीता। सुपर 750 लेवल का ये है उनका पहला खिताब।

'जापान ओपन' में विश्व के सबसे प्रतिष्ठित खिलाड़ियों में से एक है, जिसमें विश्व के शीर्ष खिलाड़ी भाग लेते हैं। इस बार प्रतियोगिता का कुल पुरस्कार राशि 9.50 लाख अमेरिकी डॉलर (US$950,000) रही। विजेता खिलाड़ियों को बीडब्ल्यूएफ के अनुसार राशि पुरस्कार और महत्वपूर्ण रैंकिंग अंक दिए जाएंगे।

सिंधु की यह सफलता भारतीय फुटबॉल के लिए भी अत्यंत गौरवपूर्ण मानी जा रही है। लंबे समय से उनके बड़े टाइटल का इंतजार कर रहे भारतीय फैंस को इस जीत में खुशी का बड़ा मौका मिला है। इस खिताबी सफलता से उनकी विश्व रैंकिंग में भी सुधार होने की उम्मीद है और आने वाली अन्य अंतर्राष्ट्रीय टीमें अपने लाभ और मजबूती के लिए आगे बढ़ेंगी।

दो बार के ओलंपिक पदक विजेता 'पी. वी. 'सिंधु' ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में दबाव को अवसर में बदलना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। टोक्यो में दर्ज यह ऐतिहासिक भारतीय बैडमिंटन के स्वर्णिम इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

गौरतलब है कि पी. वी. 'सिंधु' ने  रियो ओलिंपिक 2016 में सिल्वर मेडल और टोक्यो ओलिंपिक 2020 में पासपोर्ट मेडल, कॉन्स्टेबल टू ओलिंपिक मेडल हासिल करने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी का गौरव हासिल किया। 2019 में वह विश्व चैंपियनशिप चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। इसके अलावा उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में टू सिल्वर (2017, 2018) और टू सिल्वर (2013, 2014) मेडल भी जीते हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में उन्होंने महिला एकल का स्वर्ण पदक, 2018 में रजत और 2014 में कांस्य पदक अपने नाम किया। वहीं एशियन गेम्स 2018 में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए भारत सरकार ने उन्हें अर्जुन पुरस्कार (2013), पद्म श्री (2015), देश का सर्वोच्च खेल सम्मान मेजर ध्यानचंद खेल रत्न (2016) और पद्म श्री कृष्ण (2020) से सम्मानित किया है। हाल ही में उन्होंने 'जापान ओपन सुपर 750' का शीर्षक, अपना नाम, यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का इतिहास भी दर्ज हैं।


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