नई दिल्ली, 24 मार्च, (वीएनआई) नवरात्रि के छठे दिन आज मां कात्यायनी की पूजा होती है, जो देवी दुर्गा का छठा स्वरूप मानी जाती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से माता की पूजा करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और योग्य जीवनसाथी मिलने के योग बनते हैं। विशेष रूप से अविवाहित कन्याओं के लिए मां कात्यायनी की उपासना अत्यंत फलदायी मानी गई है।
मां कात्यायनी का स्वरूप अत्यंत दिव्य और तेजस्वी होता है। वे सिंह पर सवार रहती हैं और उनके चार हाथ होते हैं। एक हाथ में तलवार, दूसरे में कमल का फूल, तीसरा हाथ अभय मुद्रा में और चौथा वरद मुद्रा में होता है। उनका रंग स्वर्ण के समान चमकीला बताया गया है, जो शक्ति, साहस और विजय का प्रतीक है।
नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी को शहद का भोग विशेष रूप से अर्पित किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शहद अर्पित करने से जीवन में मधुरता आती है, रिश्तों में प्रेम बढ़ता है और विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं। यह भोग माता को अत्यंत प्रिय माना गया है।
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