नई दिल्ली (वीएनआई) 11 जुलाई, साउथैम्प्टन के रोज़ बाउल मैदान पर भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया पांचवां एवं अंतिम टी20 मुकाबला मेजबान टीम के नाम रहा। बारिश के कारण पहला मैच बेनतीजा रहने के बाद इंग्लैंड ने लगातार चार मुकाबले जीतकर श्रृंखला 4-0 से अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने यह भी साबित कर दिया कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उसकी आक्रामक शैली आज भी दुनिया की सबसे खतरनाक बल्लेबाजी इकाइयों में गिनी जाती है।
मुकाबले की शुरुआत ही असामान्य परिस्थितियों में हुई। भारतीय टीम की बस ट्रैफिक जाम में फंस गई, जिसके कारण खिलाड़ी समय पर मैदान नहीं पहुंच सके और मैच लगभग आधे घंटे की देरी से शुरू हुआ। टॉस जीतकर भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन यह निर्णय कुछ ही ओवरों में गलत साबित हो गया।
इंग्लैंड के लिए पूर्व कप्तान जोस बटलर ने अपने करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली। उन्होंने सिर्फ 64 गेंदों में 131 रन बनाए, जिसमें चौकों और छक्कों की झड़ी लगी रही। दूसरे छोर पर कप्तान हैरी ब्रूक ने भी भारतीय गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी और केवल 45 गेंदों में नाबाद 95 रन ठोक दिए। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 233 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी कर भारतीय गेंदबाजी को पूरी तरह बेअसर कर दिया। निर्धारित 20 ओवर में इंग्लैंड ने 3 विकेट पर 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह साझेदारी मैच का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुई।
भारतीय गेंदबाज पूरे मैच में संघर्ष करते दिखाई दिए। किसी भी गेंदबाज को नियमित अंतराल पर विकेट नहीं मिले और डेथ ओवरों में रन रोकना लगभग असंभव साबित हुआ। अक्षर पटेल ने अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का सबसे महंगा स्पेल डाला और इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने हर गलती का पूरा फायदा उठाया। भारतीय फील्डिंग भी निराशाजनक रही। कई आसान मौके हाथ से निकल गए और कैच छूटने का खामियाजा टीम को भारी पडा
258 रनों के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने सकारात्मक शुरुआत करने की कोशिश की। ईशान किशन ने शानदार 56 रन बनाकर संघर्ष का परिचय दिया, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। कप्तान श्रेयस अय्यर, शिवम दुबे और तिलक वर्मा बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। रनगति लगातार बढ़ती गई और इंग्लैंड के गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा। सैम करन ने मध्य ओवरों में अहम विकेट लेकर भारत की वापसी की उम्मीदों पर लगभग विराम लगा दिया, जबकि जोश टंग और आदिल राशिद ने भी शानदार गेंदबाजी की। अंततः भारतीय टीम लक्ष्य से काफी पीछे रह गई और इंग्लैंड ने एक और प्रभावशाली जीत दर्ज की।
जोस बटलर की विस्फोटक शतकीय पारी के लिए उन्हें *प्लेयर ऑफ द मैच'* चुना गया। उनकी बल्लेबाजी ने मैच की दिशा पहले दस ओवरों में ही तय कर दी थी। वहीं हैरी ब्रूक ने पूरी श्रृंखला में अपने शानदार नेतृत्व और निरंतर बल्लेबाजी से इंग्लैंड की सफलता की मजबूत नींव रखी।
पूरी श्रृंखला भारतीय टीम के लिए कई सवाल छोड़ गई है। बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी, डेथ ओवरों में कमजोर गेंदबाजी, साधारण फील्डिंग और दबाव में रणनीति का बिखरना बार-बार सामने आया। दूसरी ओर इंग्लैंड ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण—तीनों विभागों में लगभग त्रुटिहीन क्रिकेट खेलकर यह दिखा दिया कि वह आगामी वैश्विक टूर्नामेंटों की सबसे मजबूत दावेदार टीमों में से एक है।
अब भारतीय टीम की निगाहें आगामी एकदिवसीय श्रृंखला पर होंगी, जहां उसके पास इस निराशाजनक टी20 दौरे को पीछे छोड़ नई शुरुआत करने का अवसर होगा। वहीं इंग्लैंड इस शानदार श्रृंखला जीत से आत्मविश्वास से भरकर आगे बढ़ेगा और विश्व क्रिकेट में अपनी बादशाहत को और मजबूत करने की कोशिश करेगा
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