लखनऊ, 03 दिसंबर, (वीएनआई) दारुल उलूम देवबंद ने एक और फतवा जारी करते हुए महिलाओं को हिदायत दी है कि वे बिना बुर्के के शादी और अन्य समारोह में शामिल ना हों।
नए फतवे के संबंध में मौलाना उस्मानी ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं का शादी में ही नहीं, किसी भी अन्य समारोह में बिना बुर्के के शरीक होना शरीयत के खिलाफ है और गुनाह है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पर्दे में रहना चाहिए और इस्लाम के मुताबिक, मुस्लिम महिलाओं को बिना बुर्के के कहीं आना-जाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को बुर्का पहनकर ही बाजार जाना चाहिए। वहीं दारुल उलूम देवबंद ने ऐसा नहीं करने को गुनाह और गैर-इस्लामिक करार दिया है।
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