नई दिल्ली, 21 जनवरी (वीएनआई) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विश्व आर्थिक मंच में अपने भाषण में अमेरिका की ताकत, ग्रीनलैंड की रक्षा और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर बात की।
डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की इच्छा दोहराई, यूरोप पर तंज कसे और भारत-पाकिस्तान तनाव को सुलझाने का दावा किया। ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि अमेरिका के अलावा कोई देश या समूह ग्रीनलैंड की सुरक्षा नहीं कर सकता। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध का उदाहरण दिया, जब जर्मनी ने डेनमार्क पर कब्जा कर लिया था। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका ने ग्रीनलैंड बचाया और दुश्मनों को रोककर क्षेत्र को सुरक्षित किया। युद्ध के बाद ग्रीनलैंड डेनमार्क को वापस देना अमेरिका की 'बड़ी मूर्खता' थी। ट्रंप ने डेनमार्क को 'अकृतज्ञ' कहा और जोर दिया कि ग्रीनलैंड की स्ट्रैटेजिक लोकेशन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है। ट्रंप ने दोहराया कि वे ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह दुर्लभ खनिजों के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है। ट्रंप ने तुरंत बातचीत शुरू करने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड उत्तरी अमेरिका का हिस्सा है और अमेरिका इसे अपने साथ जोड़ने के लिए तैयार है। दावोस में दिए इस भाषण ने वैश्विक नेताओं के बीच बहस छेड़ दी है।
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