नई दिल्ली 04अप्रैल (वीएनआई) देशभक्ति की भावना से लबरेज़ अपने किरदारों के लिए प्रसिद्ध अभिनेता 87 वर्षीय मनोज कुमार का मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल मेंशुक्रवार सुबह 3:30 बजे निधन हो गया।वे विशेष रूप से अपनी देशभक्ति फिल्मों के लिए जाने जाते थे। उन्हें भारत कुमार के नाम से भी जाना जाता था।वो लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया X (पूर्व में ट्विटर) पर अभिनेता के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा, "वह भारतीय सिनेमा के एक महानायक थे, जिन्हें विशेष रूप से उनकी देशभक्ति की भावना के लिए याद किया जाता है, जो उनकी फिल्मों में भी झलकती थी। मनोज जी के कार्यों ने राष्ट्रीय गर्व की भावना को प्रज्वलित किया और वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। मेरी संवेदनाएँ उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।"
भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात सुनाता हूं..जैसी लाईनों से मशहूर मनोज कुमार का जन्म 1937 में ब्रिटिश भारत के उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत (अब खैबर पख्तूनख्वा, पाकिस्तान) के एक छोटे से शहर एबटाबाद में हुआ था। उनका असली नाम हरिकृष्ण गोस्वामी था। गौरतलब है कि देशभक्ति वाली फिल्में का अर्थ ही मनोज कुमार था. 15 अगस्त और 26 जनवरी पर बजने वाले देशभक्ति गीतों को याद करेंगे तो ज्यादातर में मनोज कुमार मिलेंगे.
उन्होंने 1957 में बॉलीवुड में फिल्म 'फ़ैशन' से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद 1961 में 'कांच की गुड़िया' में सईदा खान के साथ काम कर उन्होंने पहचान बनाई। 1965 में उनकी थ्रिलर फिल्म 'गुमनाम' साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक रही, जिसने 2.6 करोड़ रुपये कमाए। उसी साल उन्होंने 'शहीद' फिल्म में भगत सिंह की भूमिका निभाकर सबका दिल जीत लिया।
उनकी देशभक्ति पर आधारित फिल्में जैसे 'उपकार' (1967), 'पूरब और पश्चिम' (1970) और 'क्रांति' (1981) ने उन्हें 'भारत कुमार' का ख़िताब दिलाया। उन्होंने 1972 में 'शोर' नामक फिल्म का निर्देशन और अभिनय भी किया। बताया जाता है कि स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री के कहने पर उन्होने उपकार फिल्म बनाई, इसी से उन्हे भारत कुमार नाम ्मिला
मनोज कुमार को 1975 में फिल्म 'रोटी कपड़ा और मकान' के लिए फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार मिला। उन्हें 1992 में पद्म श्री, 1999 में फ़िल्मफ़ेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड और 2015 में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
2004 के आम चुनावों से पहले मनोज कुमार ने आधिकारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जॉइन की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "श्री मनोज कुमार जी एक बहुआयामी अभिनेता थे, जिन्हें हमेशा देशभक्ति से भरपूर फिल्मों के लिए याद किया जाएगा। ‘उपकार’, ‘पूरब और पश्चिम’ जैसी फिल्मों में उनकी अविस्मरणीय भूमिकाओं ने हमारी संस्कृति को समृद्ध किया और उन्हें पीढ़ियों के दिलों में जगह दिलाई। उनकी सिनेमाई विरासत उनके कार्यों के माध्यम से जीवित रहेगी। ओम शांति।"
निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने भी अपनी संवेदनाएँ प्रकट करते हुए लिखा, "देशभक्त और कलाकार कभी नहीं मरते।"
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