नई दिल्ली, 12 सिंतबर ( शोभनाजैन) देश की राजधानी दिल्ली में आज से भारत मंडपम में शुरु हुए 18वें ब्रिक्स सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान उन्होंने वैश्विक व्यवस्था में विकासशील देशों की भूमिका को लेकर भारत का रुख सामने रखा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस साल का ब्रिक्स सम्मेलन खास है, क्योंकि संगठन अपनी स्थापना के 20 साल पूरे कर रहा है। उन्होंने कहा कि इंसान की जिंदगी में 20 साल की उम्र एक नए दौर की शुरुआत मानी जाती है। इस उम्र में जिम्मेदारियां बढ़ती हैं और क्षमताओं को नई दिशा मिलती है। इसी तरह ब्रिक्स भी अब ऐसे पड़ाव पर पहुंच चुका है, जहां उसकी जिम्मेदारी और भूमिका पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, पिछले दो दशकों में ब्रिक्स ने दुनिया के मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई है।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि ग्लोबल साउथ को केवल दूसरे देशों द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे नियम बनाने की प्रक्रिया में भी अपनी जगह बनानी चाहिए। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार से लेकर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में बदलाव और ब्रिक्स के फैसलों को लागू करने के लिए बेहतर व्यवस्था की जरूरत पर भी बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि ब्रिक्स किसी देश के खिलाफ नहीं है और इसका उद्देश्य सभी देशों को साथ लेकर आगे बढ़ना है। गौरतलब 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में किया जा रहा है।
No comments found. Be a first comment here!