भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान और स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने एक बार फिर विश्व मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया है। हाल ही में उन्हें प्रतिष्ठित टाइम मैगजीन की "100 मोस्ट इन्फ्लुएंशियल पीपल इन स्पोर्ट्स 2026" सूची में शामिल किया गया है। इस सूची में जगह पाने वाली वह एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं। यह उपलब्धि न केवल उनकी बल्लेबाजी प्रतिभा का सम्मान है, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में उनके योगदान की भी स्वीकृति है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में स्मृति मंधाना भारतीय महिला क्रिकेट का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरी हैं। अपनी शानदार तकनीक, आक्रामक लेकिन आकर्षक बल्लेबाजी शैली और निरंतर प्रदर्शन के कारण वह विश्व क्रिकेट की सबसे सम्मानित खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं। मैदान पर उनकी उपस्थिति विपक्षी टीमों के लिए चुनौती और क्रिकेट प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र होती है।
पिछला वर्ष स्मृति मंधाना के लिए उपलब्धियों और चुनौतियों दोनों का वर्ष रहा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, निजी जीवन से जुड़ी कुछ परेशानियों और मानसिक दबाव के बावजूद उन्होंने अपने खेल पर पूरा ध्यान केंद्रित रखा और अपने प्रदर्शन को प्रभावित नहीं होने दिया। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने जिस तरह लगातार रन बनाए और टीम को जीत दिलाई, उसने उनकी मानसिक मजबूती और पेशेवर प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूत रूप में सामने रखा।
यह जानना दिलचस्प है कि स्मृति मंधाना भारत की आईसीसी महिला एकदिवसीय विश्व कप विजय की सबसे बड़ी नायिकाओं में से एक रहीं। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने रिकॉर्ड रन बनाए और भारतीय टीम को ऐतिहासिक खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें वर्ष 2025 का बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर सम्मान प्रदान किया गया। यह पुरस्कार भारतीय महिला खिलाड़ियों को दिए जाने वाले सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक माना जाता है।
गौरतलब है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने उन्हें 2024-25 सत्र के लिए "बेस्ट इंटरनेशनल क्रिकेटर – वुमन" पुरस्कार से सम्मानित किया। यह उनके करियर में रिकॉर्ड पांचवीं बार था जब उन्होंने यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त किया। इसके अलावा उन्हें एकदिवसीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी के रूप में भी सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि उनकी निरंतरता और उत्कृष्टता का प्रमाण है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने भी कई बार उनकी प्रतिभा को सम्मानित किया है। उन्हें 2018 और 2021 में आईसीसी की प्रतिष्ठित "रेचल हेहो फ्लिंट ट्रॉफी" यानी महिला क्रिकेटर ऑफ द ईयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त 2018, 2024 और 2025 में उन्हें महिला एकदिवसीय क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया। किसी खिलाड़ी के लिए इतने लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना दबदबा बनाए रखना असाधारण उपलब्धि माना जाता है।
वर्ष 2024 स्मृति मंधाना के करियर का सबसे शानदार वर्षों में से एक रहा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने विभिन्न प्रारूपों में रिकॉर्ड रन बनाए, जिसके लिए उन्हें "विजडन विमेंस लीडिंग क्रिकेटर इन द वर्ल्ड 2024" चुना गया। क्रिकेट जगत में यह सम्मान बेहद प्रतिष्ठित माना जाता है और केवल उन्हीं खिलाड़ियों को मिलता है जो पूरे वर्ष असाधारण प्रदर्शन करते हैं।
भारत सरकार ने भी उनकी उपलब्धियों को सम्मानित किया है। वर्ष 2019 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार प्रदान किया गया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा दिया जाने वाला यह सम्मान देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।
18 जुलाई 1996 को महाराष्ट्र के सांगली में जन्मी स्मृति मंधाना ने बहुत कम उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। उनके पिता श्रीनिवास मंधाना और भाई श्रवण मंधाना दोनों क्रिकेट से जुड़े रहे, जिससे उन्हें खेल का अनुकूल वातावरण मिला। मात्र नौ वर्ष की आयु में उन्होंने महाराष्ट्र की अंडर-15 टीम में जगह बनाई और बाद में घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर भारतीय टीम तक का सफर तय किया।
ध्यान देने योग्य है कि स्मृति मंधाना केवल पुरस्कार जीतने वाली खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि रिकॉर्ड बनाने में भी उनका कोई सानी नहीं है। वह भारत की पहली महिला क्रिकेटरों में शामिल हैं जिन्होंने टेस्ट, वनडे और टी-20 अंतरराष्ट्रीय—तीनों प्रारूपों में शतक बनाए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्ष 2024 में उन्होंने सभी प्रारूपों में 1,700 से अधिक रन बनाकर महिला क्रिकेट के इतिहास में एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। उन्हें सबसे तेज 10,000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे करने वाली प्रमुख महिला क्रिकेटरों में भी गिना जाता है।
महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) में भी उनका प्रभाव शानदार रहा है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तान के रूप में उन्होंने टीम को पहला खिताब दिलाकर इतिहास रच दिया। इस सफलता ने साबित किया कि वह केवल एक बेहतरीन बल्लेबाज ही नहीं बल्कि एक सफल कप्तान और प्रेरणादायी नेता भी हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्मृति मंधाना आज भारत की सबसे लोकप्रिय महिला खिलाड़ियों में शामिल हैं। उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है और वह कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स का चेहरा भी हैं। लेकिन उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उन्होंने महिला क्रिकेट को घर-घर तक पहुंचाने और युवा लड़कियों को खेल के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
यह कहना गलत नहीं होगा कि स्मृति मंधाना आज भारतीय महिला क्रिकेट की नई पहचान बन चुकी हैं। टाइम की 100 सबसे प्रभावशाली खेल हस्तियों की सूची में स्थान, बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर सम्मान, विजडन का वैश्विक पुरस्कार, आईसीसी के कई प्रतिष्ठित सम्मान, बीसीसीआई का रिकॉर्ड पांच बार सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेटर पुरस्कार, अर्जुन पुरस्कार, विश्व कप में ऐतिहासिक योगदान, रिकॉर्ड रन और सफल नेतृत्व—ये सभी उपलब्धियां उनकी महानता की कहानी बयां करती हैं।
निजी जीवन की चुनौतियों से जूझते हुए भी जिस तरह उन्होंने अपने खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, वह उनकी असाधारण मानसिक शक्ति और समर्पण का प्रमाण है। आज स्मृति मंधाना केवल एक क्रिकेटर नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के लिए आत्मविश्वास, संघर्ष, नेतृत्व और सफलता की प्रेरक मिसाल बन चुकी हैं। उनकी उपलब्धियां आने वाले वर्षों में भारतीय महिला क्रिकेट को और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचाने की प्रेरणा देती रहेंगी।
No comments found. Be a first comment here!