नई दिल्ली, 9 जून, (वीएनआई) भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा ने नॉर्वे चेस 2026 का खिताब जीतकर भारतीय शतरंज इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। 20 वर्षीय प्रज्ञानानंदा इस प्रतिष्ठित सुपर-एलीट टूर्नामेंट जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
नॉर्वे की राजधानी Oslo में आयोजित इस टूर्नामेंट को विश्व शतरंज के सबसे कठिन और प्रतिष्ठित आयोजनों में गिना जाता है। इसमें दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें विश्व नंबर एक Magnus Carlsen, विश्व चैंपियन D Gukesh, Wesley So, Alireza Firouzja तथा Vincent Keymer जैसे दिग्गज शामिल थे।
टूर्नामेंट के मध्य चरण तक प्रज्ञानानंदा पिछड़ते दिखाई दे रहे थे, लेकिन अंतिम दौरों में उन्होंने शानदार वापसी की। उन्होंने लगातार चार क्लासिकल मुकाबले जीतकर खिताब अपने नाम किया। इस दौरान उन्होंने फिरोज़ा, कार्लसन, गुकेश और अंतिम दौर में विन्सेंट कीमर को पराजित किया।
अंतिम अंक तालिका में प्रज्ञानानंदा 18 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहे। वेस्ली सो 17 अंकों के साथ दूसरे और अलीरेज़ा फिरोज़ा 15.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। मेजबान स्टार मैग्नस कार्लसन चौथे स्थान पर रहे, जो उनके लिए पिछले कई वर्षों का सबसे निराशाजनक प्रदर्शन माना गया।
प्रज्ञानानंदा की इस उपलब्धि ने भारत में शतरंज प्रेमियों को उत्साहित कर दिया है। पाँच बार के विश्व चैंपियन Viswanathan Anand ने उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे भारतीय शतरंज के लिए प्रेरणादायक बताया।
इस जीत के साथ प्रज्ञानानंदा ने यह सिद्ध कर दिया है कि भारत की नई पीढ़ी विश्व शतरंज पर अपनी मजबूत छाप छोड़ने के लिए तैयार है। उनकी यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय शतरंज की बढ़ती वैश्विक शक्ति का भी प्रतीक है। आने वाले वर्षों में उनसे विश्व खिताब की दौड़ में और भी बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद की जा रही है।
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