नई दिल्ली (वीएनआई ) 6 जुलाई, एक-एक मैच के साथ बदल रही है विश्व फुटबॉल की तस्वीर, दिग्गजों की परीक्षा शुरू, आज पुर्तगाल और स्पेन की टक्कर पर टिकी दुनिया की निगाहें।
फीफा विश्व कप 2026 अब उस मुकाम पर पहुंच चुका है, जहां हर मुकाबला इतिहास लिख रहा है। लीग चरण की लंबी जंग के बाद अब नॉकआउट मुकाबलों में हार का मतलब सीधे टूर्नामेंट से विदाई है। यही कारण है कि दुनिया भर के करोड़ों फुटबॉल प्रेमियों की धड़कनें हर मैच के साथ तेज होती जा रही हैं। कई दिग्गज टीमों ने अपनी बादशाहत कायम रखी है तो कई मजबूत दावेदारों का सपना अप्रत्याशित हार के साथ टूट गया। अब केवल वही टीमें आगे बढ़ रही हैं जो दबाव में भी अपने खेल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही हैं।
राउंड ऑफ 16 के मुकाबलों में सबसे बड़ा झटका तब लगा जब नॉर्वे ने पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राज़ील को 2-1 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। पूरे मुकाबले में नॉर्वे ने अनुशासित रक्षा, तेज़ पलटवार और शानदार सामूहिक खेल का प्रदर्शन करते हुए यह यादगार जीत दर्ज की। इस जीत ने न केवल विश्व कप का समीकरण बदल दिया बल्कि यह भी साबित कर दिया कि इस बार कोई भी टीम अजेय नहीं है।
उधर इंग्लैंड ने मेज़बान मेक्सिको के खिलाफ शानदार जुझारूपन दिखाते हुए 3-2 से जीत दर्ज की। दोनों टीमों के बीच मुकाबला अंतिम मिनट तक रोमांच से भरपूर रहा। इंग्लैंड की यह जीत उसे सीधे क्वार्टर फाइनल में ले गई, जहां अब उसका सामना नॉर्वे से होगा। ब्राज़ील को हराने के बाद नॉर्वे आत्मविश्वास से लबरेज़ है, जबकि इंग्लैंड अपनी संतुलित आक्रमण और मजबूत मिडफील्ड के दम पर खिताब की दावेदारी मजबूत करना चाहेगा। इस मुकाबले को क्वार्टर फाइनल का सबसे बड़ा आकर्षण माना जा रहा है।
इससे पहले फ्रांस ने पराग्वे को 1-0 से हराकर अपनी चुनौती बरकरार रखी। फ्रांसीसी टीम ने एक बार फिर दिखाया कि बड़े मुकाबलों में धैर्य और रणनीति किस तरह जीत दिलाती है। दूसरी ओर मोरक्को ने कनाडा को 3-0 से पराजित कर लगातार शानदार प्रदर्शन जारी रखा। अफ्रीकी फुटबॉल की नई ताकत बनकर उभरा मोरक्को अब क्वार्टर फाइनल में फ्रांस को चुनौती देगा। यह मुकाबला तकनीकी कौशल, रफ्तार और रणनीतिक फुटबॉल का बेहतरीन नमूना हो सकता है।
अब सभी की निगाहें आज होने वाले दो महामुकाबलों पर टिक गई हैं। पहला मुकाबला यूरोप की दो दिग्गज टीमों पुर्तगाल और स्पेन के बीच खेला जाएगा। दोनों टीमें आक्रामक फुटबॉल, बेहतरीन पासिंग और मजबूत मिडफील्ड के लिए जानी जाती हैं। ऐसे में यह मुकाबला किसी फाइनल से कम नहीं माना जा रहा। जीतने वाली टीम क्वार्टर फाइनल में कदम रखेगी, जबकि हारने वाली टीम का सफर यहीं समाप्त हो जाएगा।
दिन का दूसरा मुकाबला संयुक्त राज्य अमेरिका और बेल्जियम के बीच खेला जाएगा। बेल्जियम ने अपने पिछले मैच में सेनेगल जैसी मजबूत टीम को हराया था, जबकि अमेरिका ने बोस्निया एवं हर्जेगोविना को पराजित कर अंतिम-16 में जगह बनाई थी। दोनों टीमों के बीच संतुलित मुकाबले की उम्मीद की जा रही है और विशेषज्ञ मान रहे हैं कि परिणाम अतिरिक्त समय या पेनाल्टी शूटआउट तक भी जा सकता है।
आने वाले मुकाबलों में अर्जेंटीना का सामना मिस्र से होगा, जबकि स्विट्जरलैंड और कोलंबिया भी अंतिम आठ में जगह बनाने के लिए आमने-सामने होंगे। इन मुकाबलों के बाद क्वार्टर फाइनल की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी और विश्व कप अपने निर्णायक चरण में प्रवेश कर जाएगा।
गौरतलब है कि 48 टीमों वाले पहले फीफा विश्व कप ने शुरुआत से ही रोमांच, अप्रत्याशित नतीजों और नए सितारों के उदय से फुटबॉल प्रेमियों को बांधे रखा है। छोटे देशों की टीमों ने भी बड़े-बड़े दिग्गजों को कड़ी चुनौती देकर यह साबित कर दिया है कि आधुनिक फुटबॉल में केवल इतिहास नहीं, बल्कि वर्तमान प्रदर्शन ही जीत की सबसे बड़ी कुंजी है। अब जैसे-जैसे ट्रॉफी की दूरी कम होती जा रही है, वैसे-वैसे हर मैच का रोमांच कई गुना बढ़ता जा रहा है। दुनिया भर के करोड़ों प्रशंसकों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि आखिर कौन सी टीम इतिहास रचते हुए विश्व फुटबॉल की नई बादशाह बनेगी।
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