नई दिल्ली (वी एन आई )11 जुलाई, भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला का अंतिम मुकाबला आज साउथैम्पटन के रोज बाउल मैदान पर खेला जाएगा। इंग्लैंड पहले ही श्रृंखला में अजेय बढ़त बनाकर ट्रॉफी अपने नाम कर चुका है और अब उसकी नजर एक और जीत के साथ अपने शानदार प्रदर्शन पर मुहर लगाने की होगी। दूसरी ओर भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला सम्मान बचाने का है। अंतिम मैच में जीत न केवल हार की कसक कुछ कम करेगी, बल्कि आगामी एकदिवसीय श्रृंखला से पहले खिलाड़ियों का मनोबल भी बढ़ा देगी
पिछले मुकाबले में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 80 रन बनाए और टीम को 20 ओवर में 158 रन तक पहुंचाया। हालांकि दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इंग्लैंड ने लक्ष्य का पीछा करते हुए आक्रामक अंदाज अपनाया। कप्तान हैरी ब्रूक ने नाबाद 79 रन और फिल सॉल्ट ने नाबाद 59 रन बनाकर भारतीय गेंदबाजों को पूरी तरह बेअसर कर दिया। दोनों के बीच शतकीय अविजित साझेदारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया और इंग्लैंड ने आसानी से जीत दर्ज कर श्रृंखला पर कब्जा जमा लिया
पूरी श्रृंखला में भारत की बल्लेबाजी उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी। कप्तान श्रेयस अय्यर को छोड़ दें तो शीर्ष और मध्यक्रम के बल्लेबाज लगातार बड़ी पारियां खेलने में असफल रहे। कई मौकों पर अच्छी शुरुआत मिली, लेकिन उसे बड़े स्कोर में नहीं बदला जा सका। गेंदबाजी में भी नई गेंद से शुरुआती सफलता मिलने के बावजूद बीच और अंतिम ओवरों में रन रोकने में भारतीय गेंदबाज संघर्ष करते रहे। क्षेत्ररक्षण में भी कुछ महत्वपूर्ण कैच छूटे, जिसका फायदा इंग्लैंड ने भरपूर उठाया। दूसरी ओर इंग्लैंड ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—तीनों विभागों में संतुलित और आक्रामक क्रिकेट खेलकर अपना दबदबा कायम रखा।
भारतीय टीम के लिए इस श्रृंखला की सबसे बड़ी सकारात्मक खोज 15 वर्षीय सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी रहे हैं। कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उतरने वाले वैभव ने अपने बेखौफ अंदाज से क्रिकेट जगत का ध्यान आकर्षित किया है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी, तेज हाथ और पावरप्ले में रन बटोरने की क्षमता उन्हें भविष्य का बड़ा सितारा बना सकती है। अभी उनका अंतरराष्ट्रीय करियर शुरुआती दौर में है, लेकिन उनकी प्रतिभा ने यह संकेत जरूर दिया है कि भारतीय क्रिकेट को एक नया विस्फोटक बल्लेबाज मिल सकता है। आज के मुकाबले में एक बड़ी पारी खेलकर वह अपनी प्रतिभा पर और मजबूत मुहर लगाना चाहेंगेmm
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर इस श्रृंखला में टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज रहे हैं। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में जिम्मेदारी संभाली और अपनी कप्तानी से भी टीम को संभालने का प्रयास किया। अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, शिवम दुबे, अक्षर पटेल और अर्शदीप सिंह जैसे खिलाड़ियों से भी अंतिम मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। भारत की जीत काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि शीर्ष क्रम कितनी मजबूत शुरुआत देता है और गेंदबाज शुरुआती विकेट निकालकर इंग्लैंड पर कितना दबाव बना पाते है
इंग्लैंड की सफलता के केंद्र में कप्तान हैरी ब्रूक रहे हैं। उन्होंने कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों में उदाहरण पेश किया है। फिल सॉल्ट ने लगातार विस्फोटक शुरुआत देकर विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाया है। जैकब बेथेल ने मध्यक्रम में उपयोगी पारियां खेली हैं, जबकि जोफ्रा आर्चर, जोश टंग, आदिल रशीद और सैम करन ने गेंदबाजी में शानदार संतुलन बनाया है। इंग्लैंड की तेज फील्डिंग, आक्रामक रणनीति और मौके का पूरा फायदा उठाने की क्षमता इस श्रृंखला में उसकी सबसे बड़ी ताकत साबित हो रही है
साउथैम्पटन के रोज बाउल की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। पहली पारी का औसत स्कोर लगभग 165 रन के आसपास रहता है, हालांकि नई गेंद से तेज गेंदबाजों को स्विंग और उछाल मिल सकती है। शाम के समय ओस भी भूमिका निभा सकती है, ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकती है। पावरप्ले का प्रदर्शन, डेथ ओवरों की गेंदबाजी और कैच पकड़ने की क्षमता इस मुकाबले के सबसे अहम कड़ी है
भारत और इंग्लैंड के बीच मुकाबले हमेशा रोमांच, प्रतिस्पर्धा और प्रतिष्ठा की लड़ाई रहे हैं। आज भी करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें इस मुकाबले पर टिकी रहेंगी। इंग्लैंड जहां जीत के साथ अपनी शानदार टी20 श्रृंखला का समापन करना चाहेगा, वहीं भारत पूरे जोश और जुनून के साथ मैदान में उतरकर यह संदेश देना चाहेगा कि कठिन दौर के बाद भी वापसी उसकी पहचान है। यही उम्मीद इस अंतिम मुकाबले को और अधिक दिलचस्प तथा यादगार बना देती है।
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