नई दिल्ली (वीएनआई) 18 जुलाई, फीफा विश्व कप 2026 में तीसरे स्थान के लिए फुटबॉल की दो यूरोपीय महाशक्तियां 'फ्रांस' और 'इंग्लैंड' 18 जुलाई को अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित 'हार्ड रॉक स्टेडियम', मियामी गार्डन्स में आमने-सामने होंगी। सेमीफाइनल में हार के बाद दोनों टीमों की विश्व चैंपियन बनने की उम्मीदें भले ही समाप्त हो गई हों, लेकिन कांस्य पदक जीतकर अभियान का समापन करना दोनों के लिए प्रतिष्ठा का विषय है। फुटबॉल विशेषज्ञों के अनुसार तीसरे स्थान का मुकाबला किसी भी टीम के लिए सम्मान, विश्व रैंकिंग और आत्मविश्वास के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है।
'फ्रांस' की कप्तानी स्टार स्ट्राइकर 'किलियन एमबाप्पे' कर रहे हैं, जबकि 'इंग्लैंड' की कमान अनुभवी गोल स्कोरर 'हैरी केन' के हाथों में है। 'एमबाप्पे' को उनके साथी खिलाड़ी और प्रशंसक 'डोनाटेलो' के नाम से पुकारते हैं, जबकि 'हैरी केन' का लोकप्रिय उपनाम 'हरिकेन' है। दोनों खिलाड़ी विश्व फुटबॉल के सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइकरों में गिने जाते हैं और इस मुकाबले में भी उनसे शानदार प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
दुनिया भर में 'फ्रांस' की टीम 'ले ब्लूज़' (Les Bleus) के नाम से प्रसिद्ध है। यह नाम उसकी नीली जर्सी से जुड़ा है, जो फ्रांसीसी फुटबॉल की पहचान बन चुकी है। वहीं 'इंग्लैंड' को 'थ्री लॉयंस' (Three Lions) कहा जाता है। यह नाम इंग्लैंड फुटबॉल संघ के प्रतीक चिन्ह पर बने तीन शेरों से प्रेरित है और टीम के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक माना जाता है।
'फ्रांस' दो बार (1998 और 2018) फीफा विश्व कप जीत चुका है। टीम अपनी तेज़ गति, बेहतरीन तकनीक, आक्रामक खेल, युवा प्रतिभाओं और मजबूत मिडफील्ड के लिए जानी जाती है। पिछले एक दशक में 'फ्रांस' लगातार विश्व फुटबॉल की सबसे सफल टीमों में शामिल रहा है। दूसरी ओर 'इंग्लैंड' ने 1966 में अपना एकमात्र विश्व कप जीता था। टीम की सबसे बड़ी ताकत उसकी अनुशासित रक्षापंक्ति, प्रभावी सेट-पीस, संतुलित मिडफील्ड और सामूहिक खेल है।
यह मुकाबला 'फ्रांस' के लिए भावनात्मक भी माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सेमीफाइनल में 'स्पेन' से हार के बाद देश के कई हिस्सों में निराशा देखने को मिली। 'पेरिस', 'ल्यों' और कुछ अन्य शहरों में कुछ स्थानों पर हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़ तथा पुलिस के साथ झड़पों की घटनाएं सामने आईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई और कई लोगों को हिरासत में लिया गया। हालांकि अधिकांश फुटबॉल प्रेमियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी निराशा व्यक्त की, लेकिन कुछ उपद्रवी तत्वों की वजह से तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह मुकाबला 'फ्रांस' के मुख्य कोच 'डिडिएर डेशॉम्प्स' के कार्यकाल का भी अंतिम मैच होगा। ऐसे में टीम जीत के साथ उन्हें यादगार विदाई देने की कोशिश करेगी। वहीं 'इंग्लैंड' के कोच 'थॉमस टुखेल' की नजर टीम को विश्व कप में तीसरा स्थान दिलाने पर होगी, जिससे खिलाड़ियों का मनोबल भी बढ़ेगा।
यह मैच केवल तीसरे स्थान के लिए नहीं, बल्कि कई व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 'किलियन एमबाप्पे' और 'हैरी केन' जैसे स्टार खिलाड़ियों पर पूरी दुनिया की नजरें रहेंगी। दोनों टीमें तेज़, आक्रामक और तकनीकी फुटबॉल खेलने के लिए जानी जाती हैं, इसलिए दर्शकों को रोमांचक मुकाबले की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही यह फाइनल नहीं है, लेकिन विश्व कप में कांस्य पदक जीतना किसी भी देश के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है। यही कारण है कि 'फ्रांस' और 'इंग्लैंड' दोनों पूरे दमखम के साथ मैदान पर उतरेंगे और जीत के साथ अपने विश्व कप अभियान का समापन करने की कोशिश करेंगे।
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