माँ बेटी के प्यार भरे रिश्ते को सरकारी सलाम : मावाँ धीयाँ सत्कार योजना

By VNI India | Posted on 1st Jul 2026 | राजनीति
पंजाब

 नई दिल्ली (वीएनआई ) 1 जुलाई, पंजाब साकार ने आज माँ बेटी के पावन रिश्ते को  आर्थिक संग्रक्षण देने का एलान किया है  निश्चय ही ये फ़ैसला अनुकरणीय है जिस्म माँ बेटियों को आत्म निर्भर बनने की दिशा में एक  छोटा कदम माना जा रहा है|

 मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने **'मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना'** लागू कर राज्य की लाखों महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता देने की शुरुआत की है। सरकार का मानना है कि यह योजना महिलाओं को केवल आर्थिक मदद ही नहीं देगी, बल्कि उन्हें परिवार और समाज में अधिक सम्मान, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता भी प्रदान करेगी। यही वजह है कि इसे पंजाब की अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी महिला कल्याण योजनाओं में गिना जा रहा है।

आपको बता दें कि इस योजना के लिए पंजाब सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में करीब **9,300 करोड़ रुपये** का प्रावधान किया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, योजना का लाभ लगभग **52 लाख महिलाओं** तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। यह संख्या पंजाब की लगभग **97 प्रतिशत वयस्क महिला आबादी** के बराबर मानी जा रही है। इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देने वाली योजनाएं देश में बहुत कम देखने को मिलती हैं।

योजना के तहत सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं को **हर महीने 1,000 रुपये**, जबकि अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की महिलाओं को **हर महीने 1,500 रुपये** दिए जाएंगे। यह राशि सीधे लाभार्थियों के **आधार से जुड़े बैंक खातों** में **डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT)** के माध्यम से भेजी जाएगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।

यह जानना दिलचस्प है कि सरकार पहली किस्त में केवल एक महीने की राशि नहीं दे रही, बल्कि शुरुआती **तीन महीनों की सहायता एक साथ** जारी कर रही है। यानी सामान्य वर्ग की महिलाओं को पहली किस्त में **3,000 रुपये**, जबकि एससी वर्ग की महिलाओं को **4,500 रुपये** मिलेंगे। इसके बाद निर्धारित राशि हर महीने सीधे खातों में पहुंचती रहेगी।

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक यह भी है कि **यदि एक ही परिवार में एक से अधिक महिलाएं पात्र हैं, तो सभी को अलग-अलग लाभ मिलेगा।** कई योजनाओं में लाभ केवल एक सदस्य तक सीमित रहता है, लेकिन यहां प्रत्येक पात्र महिला को स्वतंत्र लाभार्थी माना गया है। इससे परिवार की अधिक महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी।

गौरतलब है कि सरकार ने सामाजिक न्याय को ध्यान में रखते हुए अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए सहायता राशि सामान्य वर्ग की तुलना में अधिक रखी है। इससे समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को अतिरिक्त सहयोग मिल सकेगा। इतना ही नहीं, मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वृद्धावस्था, विधवा या अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाली पात्र महिलाएं भी निर्धारित शर्तें पूरी करने पर इस योजना का लाभ ले सकेंगी।

योजना का लाभ लेने के लिए महिला का पंजाब की स्थायी निवासी होना, 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की होना, आधार कार्ड, पंजाब का मतदाता पहचान पत्र तथा आधार से जुड़ा बैंक खाता होना आवश्यक है। आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों, सेवा केंद्रों और जिला प्रशासन द्वारा स्थापित अन्य केंद्रों पर पंजीकरण की व्यवस्था की गई है।

योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्यभर में लगभग **दो लाख 'महिला सत्कार सखियों'** को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये सखियां घर-घर जाकर महिलाओं को योजना की जानकारी देने, आवेदन भरवाने, दस्तावेजों का सत्यापन कराने और पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। इससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों की महिलाएं भी आसानी से योजना से जुड़ सकेंगी।

यह जानना भी दिलचस्प है कि योजना का नाम अपने आप में एक संदेश देता है। पंजाबी भाषा में **'मावां-धीयां'** का अर्थ है **'माएं और बेटियां'**, जबकि **'सत्कार'** का अर्थ है सम्मान। यानी सरकार ने इस योजना को केवल आर्थिक सहायता कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और गरिमा से जोड़ने का प्रयास किया है।

गौरतलब है कि पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया था। लंबे इंतजार के बाद अब यह योजना धरातल पर उतर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से महिलाओं को घरेलू खर्चों, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अपनी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही उनकी आर्थिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी।

बड़े बजट, लगभग पूरे राज्य की वयस्क महिला आबादी को कवर करने की योजना, अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए अधिक सहायता, एक परिवार की सभी पात्र महिलाओं को लाभ, तीन महीने की एकमुश्त पहली किस्त, डीबीटी के माध्यम से सीधे भुगतान और जमीनी स्तर पर दो लाख महिला सत्कार सखियों की भागीदारी जैसी विशेषताएं **'मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना'** को देश की सबसे अनूठी और व्यापक महिला कल्याण योजनाओं में शामिल करती हैं। आने वाले समय में इस योजना का वास्तविक प्रभाव महिलाओं के जीवन, उनके आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक स्थिति में कितना बदलाव लाता है, इस पर पूरे देश की निगाहें हैं। जिये, ख़ुश रहें माँ  धीयाँ, उनके परिवार।


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