नई दिल्ली, 27 अप्रैल, (वीएनआई) पश्चिम बंगाल में जारी विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल की जनता के नाम एक बेहद भावुक पत्र जारी किया है। जिसमे केवल राजनीति नहीं, बल्कि आध्यात्मिकता, संकल्प और आने वाले भविष्य का एक स्पष्ट रोडमैप भी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र की शुरुआत बंगाल से अपने आध्यात्मिक जुड़ाव के साथ की है। उन्होंने कहा कि बंगाल की भूमि उनके लिए केवल एक चुनावी मैदान नहीं, बल्कि शक्ति की साधना का केंद्र रही है। पीएम ने चुनाव प्रचार की थकान को लेकर भी एक दिलचस्प बात साझा की। उन्होंने बताया कि इतनी रैलियों और भीषण गर्मी के बावजूद उन्हें जरा भी थकान महसूस नहीं हुई, क्योंकि मां काली के भक्तों के बीच जाना उनके लिए किसी तीर्थ यात्रा से कम नहीं था।
मोदी ने साल की शुरुआत में हुए अयोध्या राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय उन्होंने 11 दिनों का जो अनुष्ठान और व्रत किया था, वैसी ही दिव्य अनुभूति उन्हें बंगाल के इस चुनाव अभियान के दौरान हो रही है। उन्होंने बंगाल के लोगों के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि रोड शो के दौरान मिले पत्र और चित्र उनके जीवन की असली पूंजी हैं, जिन्हें वे रात में तसल्ली से देखते और पढ़ते हैं। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल अपनी जीत का दावा किया, बल्कि यह भी साफ कर दिया कि 4 मई को चुनावी नतीजे आने के बाद वे सीधे बीजेपी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए कोलकाता लौटेंगे।
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