दिल्ली, 2 अप्रैल, (वीएनआई) संसद में जारी बजट सत्र में आज केंद्र की मोदी सरकार ने दोपहर 12 बजे लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक पेश किया। विपक्ष ने इस पर कड़ी असहमति जताई, जिससे सत्र के हंगामेदार रहा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विधेयक के बारे में गलतफहमियों को दूर करते हुए कहा कि इसका प्रभाव पिछली तिथि से नहीं होगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि कोई भी गैर-मुस्लिम वक्फ संपत्तियों में हस्तक्षेप नहीं करेगा। शाह ने इस बात पर जोर दिया कि विधेयक का उद्देश्य अल्पसंख्यक विकास के लिए वक्फ आय के दुरुपयोग को रोकना है। हालांकि, विपक्षी दलों ने सरकार पर संवैधानिक सिद्धांतों को कमजोर करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने कहा कि विधेयक का उद्देश्य पारदर्शिता और जवाबदेही है, उन्होंने विपक्ष पर भय पैदा करने का आरोप लगाया। इस बीच, भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने धारा 40 की आलोचना करते हुए दावा किया कि यह वक्फ बोर्ड को उचित उपाय के बिना भूमि पर कब्जा करने की अनुमति देता है।।
विपक्ष की ओर से सदन के उपनेता कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार एक समुदाय की छवि खराब करना चाहती है। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला। गोगोई ने ऐसे कानून के माध्यम से समुदायों को विभाजित करने के प्रयासों की भी आलोचना की। इस बीच, अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा मुस्लिम आवाज़ों की अनदेखी कर रही है और भारत की विविध संस्कृति को कमज़ोर कर रही है।
No comments found. Be a first comment here!