तो हो गया आरएसएस् 'गणवेश' में बदलाव,वॉलंटियर अब खाकी हाफ पैंट की जगह पहनेंगे भूरे रंग की फुलपैंट

By Shobhna Jain | Posted on 13th Mar 2016 | देश
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नागौर, राजस्थान 13 मार्च (अनुपमाजैन/वीएनआई) आरएस्एस ने अपने बरसो बरस से चले आ रहे पारंपरिक गणवेश की अभिन्न अंग खाकी फुल पेंट को बदलने का फैसला कर लिया अब संघ के स्वयंसेवक हाफ खाकी पैंट की जगह भूरे रंग की फुल पैंट में दिखेंगे. यहा हुई नागौर में आरएसएस की बैठक मे व्यापक विचार विमर्श के बाद संघ ने काफी समय से विचाराधी इस मुद्दे पर फैसले के बाद ड्रेस बदलने का एलान किया गया, सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने इस बदलाव की आधिकारिक घोषणा कर दी है है. भैयाजी जोशी ने यह घोषणाआ क़रते हुए कहा ' सामान्य जीवन में फुल पैंट चलती है तो हमने उसको स्वीकार किया है. हम समाज के साथ चलने वाले लोग हैं.' भैयाजी जोशी ने बताया कि हमलोगों ने खाकी पैंट की जगह ब्राउन कलर के फुल पैंट को गणवेश में जगह दी है. भैया जी जोशी ने पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा कि बीजेपी के काम में हम दखल नहीं देते हैं. वर्तमान में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अपने संगठन के अंदर ड्रेस कोड बदलने की तैयारी में लगा हुआ था . ड्रेस कोड को लेकर देश में चर्चा जोरों पर थी . कुछ दिनों से चर्चा चल रही है कि खाकी पैंट की जगह संघ के स्वयंसेवक ग्रे रंग की पैंट धारण करेंगे लेकिन अब उसे ब्राउन कलर के पैंट में बदल दिया गया है. मीडिया में इस बात को लेकर लगातार खबरें चल रही थी की संघ अपने पारंपरिक परिधान खाकी पैंट की वजाय जल्दी ही उसे पतलून में बदलने वाला है. संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन बैद्य ने कहा भी था कि वर्दी में बदलावा अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के एजेंडा में है. गौरतलब है कि अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा आरएसएस की सर्वोच्च नीति-निर्माण ईकाई है इसकी बैठक 11 मार्च से नागौर में चल रही थी. वैद्य ने यह भी कहा कि 2010 में ड्रेस कोड में बदलाव का का मुद्दा बैठक में उठाया गया था, लेकिन आम सहमति न बन पाने के कारण इसे 2015 तक टाल दिया गया था. आरएसएस के सदस्य अभी खाकी हाफ पैंट और पूरी बांह वाली सफेद कमीज पहनते हैं जो कुहनी तक मुड़ी रहती है और उसके साथ काली टोपी भी लगाते हैं.कुछ समय पूर्व संघ गणवेश मे शामिल चमडे की बेल्ट बदल कर कपडे की बेल्ट भी गणवेश मे शामिल कर चुका है. वी एन आई

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