नई दिल्ली, 25 दिसंबर, (वीएनआई) गुरुपर्व समारोह के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा आतंक से लड़ना सिखाता है गुरु तेग बहादुर का संघर्ष।
गुजरात के कच्छ स्थित गुरुद्वारा लखपत साहिब के गुरुपर्व समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लेते हुए कहा कि मुगल बादशाह औरंगजेब के खिलाफ गुरु तेग बहादुर का पराक्रम और उनका बलिदान हमें आतंक से लड़ना सिखाता है। इसी तरह गुरुगोबिन्द सिंह साहिब का जीवन भी बलिदान का उदाहरण है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, गुरुद्वारा लखपत साहिब समय की हर गति का साक्षी रहा है। मुझे याद आ रहा है कि लखपत साहिब ने कैसे-कैसे झंझावातों को देखा है। एक समय यह स्थान दूसरे देशों में जाने और व्यापार के लिए प्रमुख स्थान होता था। 1998 के समुद्री तूफान से गुरुद्वारा लखपत साहिब को काफी नुकसान हुआ और 2001 के भूकंप को गुरुद्वारा साहिब की 200 साल पुरानी इमारत को बड़ी क्षति पहुंचाई थी लेकिन गुरुद्वारा लखपत साहिब उसी गौरव के साथ खड़ा है। 2001 के भूकंप के बाद मुझे गुरु कृपा से इस पवित्र स्थान की सेवा करने का मौका मिला था। उस समय देश के हर हिस्सों से आए शिल्पियों ने इस स्थान के गौरव को संरक्षित किया। प्राचीन लेखन शैली से यहां की दीवारों पर गुरूवाणी अंकित की गई। इस प्रोजेक्ट को तब यूनेस्को ने सम्मानित भी किया था।
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