नासा ने खोजा पृथ्वी जैसा ग्रह, यहां बस सकती है दुनिया

By Shobhna Jain | Posted on 24th Jul 2015 | देश
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वाशिंगटन 24 जुलाई (वीएनआई) अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन नासा के खगोलविदों द्वारा गुरुवार रात ब्रह्मांड में बिल्कुल धरती जैसा नया ग्रह मिलने की घोषणा से खगोल वैज्ञानिकों में अब तक की सबसे बड़ी उम्मीद जगी है, केपलर अंतरिक्ष दूरबीन से मिले ग्रह को केपलर 452बी नाम दिया है, सौर मंडल से बाहर मिला यह ग्रह हमारी धरती की तरह है पर पृथ्वी से 60 फीसदी बड़ा है। इस ग्रह पर जीवन की संभावना पहले खोजे गए ग्रहों पर उपलब्ध संभावनाओं के मुकाबले बेहद अधिक बताई जा रही है। NASA ने इसका नाम रखा गया है Earth 2.0 । इसे केपलर 452बी (Kepler 452b) भी कहा जा रहा है क्योंकि नासा के केपलर अंतरिक्ष दूरबीन के ज़रिए इसकी खोज की गई है नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार, इस ग्रह पर सक्रिय ज्वालामुखी, समुद्र,बादल के अलावा सूरज जैसी रोशनी भी मौजूद है। हमारे ग्रह से दोगुना ज्यादा गुरुत्वाकर्षण है और यह भी पृथ्वी की तरह अपने ग्रह का चक्कर लगाता है और इसमें 385 दिन लेता है। इसकी परतें भी पृथ्वी की तरह चट्टानी हैं।यह पृथ्वी से 1400 लाइट ईयर्स दूर है। नासा का कहना है कि इस ग्रह पर धरती जैसी नई दुनिया में जीने की पर्याप्त परिस्थितियां मौजूद हैं। यह ग्रह G-2 जैसे सितारे की परिक्रमा कर रहा है। G-2 तारा भी सूर्य के जैसा है। धरती से बाहर जीवन ढूंढ़ने की नासा की कोशिशों में इस खोज को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नासा ने कहा है कि धरती के जैसी नई दुनिया में जीने की पर्याप्त परिस्थिति मौजूद है। बताया गया है कि यदि पौधों को वहां ले जाया जाए तो वे वहां भी जिंदा रह सकते हैं। नासा के अनुसार हमारी धरती के जैसी परिस्थिति में अपने सितारे का चक्कर काट रहा ग्रह जीवन की सभी परिस्थितियों और संभावनाओं को समेटे हुए है। गौरतलब है कि नासा ने अभी तक 12 निवास योग्य ग्रहों की खोज की है और दूसरी धरती की खोज इस दिशा में एक मील का पत्थर है। नासा के साइंस मिशन डाइरेक्टरेट के सहायक प्रशासक जॉन ग्रुंसफेल्ड ने कहा कि इस उत्साहवर्द्धक परिणाम ने हमें अर्थ 2.0 की खोज के करीब पहुंचा दिया है। नया ग्रह ऐसे क्षेत्र में है जिसे निवास योग्य या गोल्डीलॉक्स जोन के रूप में जाना जाता है। तारे के आसपास का यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां परिक्रमा करने वाले ग्रह की सतह पर तरल पानी काफी मात्रा में मौजूद रह सकता , हैकैप्लर 452बी का पैरेंट स्टार कैप्लर 452 छह बिलियन साल पुराना है। यह हमारे सूरज से भी 1.5 बिलियन साल बड़ा है और 20% ज्यादा चमकीला है।

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