वाशिंगटन,2 अप्रैल (शोभनाजैन/वीएनआई) भारत ने पठानकोट आतंकी हमले के मुख्य षड्यंत्रकर्ता एवं जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध समिति में सूचीबद्ध करने के उसके आवेदन पर एक तकनीकी रोक लगाये जाने पर अप्रसन्नता व्यक्त की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने कहा, ‘हम निराश हैं कि आतंकी सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की उस समिति में सूचीबद्ध करने के भारत के आवेदन पर एक तकनीकी रोक लगा दी गयी है जिसकी स्थापना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव नम्बर 1267, 1989 और 2253 के तहत हुई है.'
उन्होंने कहा कि यह भारत की समझ से परे है कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उसकी ज्ञात आतंकवादी गतिविधियों के लिए सूचीबद्ध किया गया था लेकिन समूह के असल सरगना को सूचीबद्ध करने पर तकनीकी रोक लगा दी गयी है.'
प्रवक्ता ने कहा, ‘हाल में दो जनवरी को पठानकोट में हुआ आतंकवादी हमला यह दिखाता है कि अजहर को सूचीबद्ध नहीं करने का खतरनाक दुष्परिणाम भारत भुगत रहा है.' स्वरुप ने कहा, ‘आतंकवादी समूहों के वैश्विक नेटवर्क को देखते हुए इसके पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए निहितार्थ हैं.' कल जब समि्ति जैश ए मोहम्मद के सरगना पर प्रतिबंध का विचार कर रही तो चीन ने अडंगा लगाते हुए संयुक्त राष्ट्र समिति से अनुरोध किया था वह इस पर फिलहाल रोक लगा दे.
दो जनवरी को पठानकोट वायुसेना ठिकाने पर आतंकवादी हमले के बाद भारत ने गत फरवरी में संयुक्त राष्ट्र को एक पत्र लिखकर अजहर को अलकायदा प्रतिबंध समिति के तहत सूचीबद्ध करने के लिए तत्काल कार्रवाई का आह्वान किया था. इस प्रतिवेदन के साथ संगठन के आतंकवादी गतिविधियों और पठानकोट हमले में उसकी भूमिका के मजबूत सबूत दिये गये थे. हमले में सात सैन्यकर्मी शहीद हो गये थे. वी एन आई