ग्रीस के आर्थिक संकंट का भारतीय शेयर बाज़ारों पर खास असर नही

By Shobhna Jain | Posted on 6th Jul 2015 | VNI स्पेशल
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नई दिल्ली 6 जुलाई (अनुपमा जैन, वीएनआई) भारतीय बाजार ग्रीस में आये हुए आर्थिक से कोई खासा प्रभावित नहीं हुआ हालांकि आ्शंका के अनुरूप इसके बावजूद बाजार थोड़ा सहमा जरूर था, आज के शेयर बाजार में भारतीय बाजारों पर ग्रीस के यूरोजोन से बाहर होने का डर हावी नहीं हो पाया है। बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों में दोनों प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स व निफ्टी में लगभग एक प्रतिशत की गिरावट आ गयी. हालांकि अगले कुछ मिनटों में बाजार संभल गये. बाजार में आज बिकवाली का दबाव दिख रहा था. डॉलर के मुकाबले रुपया भी 18 पैसे की कमजोरी पर खुला। भारतीय बाज़ारों के अलावा सभी प्रमुख एशियाई बाज़ारों मे भी तेज़ गिरावट देखी गयी. सुबह के दस बजे के आसपास सेंसेक्स 185 अंक नीचे था, जबकि निफ्टी 50 अंक की गिरावट पर था पर कुल मिला कर देश के शेयर बाजारों मे आज मिलजुला असर देखा गया, देश का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 115.97 अंको की तेज़ी के साथ 28208.76 पर बंद हुआ, जबकि देश का दूसरा सूचकांक निफ्टी 37.25 अंको की तेज़ी के साथ 8522.15 पर बंद हुआ। इसी बीच मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीइए) अरविंद सुब्रह्मण्‍यम ने कहा, \'यह अभी कुछ समय तक चलेगा. हम कम से कम तीन तरीकों से बहुत अच्छी तरह से सुरक्षित हैं. हमारी वृहद आर्थिक स्थिति काफी मजबूत है. हमारे पास (विदेशी) मुद्रा भंडार है. हमारी अर्थव्यवस्था अब भी निवेश का एक आकर्षक स्थान है. इसलिए मेरी राय में हम भली भांति बचे हुए हैं.\' उल्लेखनीय है कि यूनान के लोगों ने जनमत संग्रह में रिणदाताओं के राहत पैकेज को कल खारिज कर दिया जिससे उसकी यूरो क्षेत्र की सदस्यता पर आशंका के बादल मंडराने लगे हैं. उन्होंने कहा, \'जहां तक संकट का सवाल है तो यह लंबा और दीर्घकाल तक चलेगा. जर्मन व फ्रांस के राष्ट्र प्रमुखों की कल बडी बैठक होने वाली है. देखते हैं, अब यूरोप को प्रतिक्रिया देनी है.\' इस संकट के भारतीय अर्थव्यवस्था पर संभावित असर के बारे में उन्होंने कहा, \'इस तरह के हालात में आमतौर पर डालर, सुरक्षित गंतव्यों की ओर जाता है. इसका असर रुपये पर भी पड सकता है. लेकिन अभी तक कुछ भी असामान्य नहीं है. सुब्रह्मण्‍यम ने कहा कि संकट के सामने आने के साथ ही, \'वित्तीय बाजारों में उतार चढाव होने वाला है. इसीबी व फेड को इस पर ध्यान देना होगा.\' वहीं वित्त सचिव राजीव महर्षि ने कहा कि सरकार हालात पर करीबी निगाह रखे हुए है क्योंकि भारत पर अप्रत्यक्ष रूप से असर पड सकता है. उन्होंने कहा, \'हमें देखना होगा कि अब यूरो का रुख क्या रहता है. हम यूनान के हालात पर करीबी निगाह रखे हैं. फेड (बैंक) की ब्याज दर बढोतरी पर कुछ असर हो सकता है. सोमवार सुबह जब देश के शेयर बाज़ार खुले तो उनमे मिलाजुला असर देखा गया, देश का मुख्य शेयर बाज़ार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स 105.44 अंको की गिरावट के साथ 27987.35 पर खुला था। जबकि देश का दूसरा शेयर बाज़ार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NCE) निफ्टी 77.45 अंको की गिरावट के साथ 8407.45 पर खुला था। दिन भर के के उतार चढ़ाव के कारोबार के बाद इसमें मिला जुला असर देखा गया, जिसमे सेंसेक्स ने दिन के सबसे निचले स्तर 27774.80 और दिन के सबसे ऊँचे स्तर 28235.31 पर कारोबार किया, तो वंही निफ्टी ने दिन के सबसे निचले स्तर 8386.15 पर और दिन के सबसे ऊँचे स्तर 8533.15 पर कारोबार किया प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय शेयर बाज़ार के तहत टाटा स्टील की आय का 55 फीसदी हिस्सा यूरोप से आता है। हिंडाल्को की आय का 23 फीसदी हिस्सा यूरोप से आता है। टाटा मोटर्स-जेएलआर की बिक्री का 80 फीसदी हिस्सा यूरोप से आता है। अपोलो टायर्स की 30 फीसदी बिक्री यूरोप से आती है। थर्मैक्स की कुल बिक्री का 20-25 फीसदी हिस्सा यूरोप से आता है। कमिंस की कुल बिक्री का 12-15 फीसदी हिस्सा यूरोप से आता है। एआईए इंजीनियरिंग की बिक्री 15 फीसदी हिस्सा यूरोप से आता है। टोरेंट फार्मा की कुल आय में यूरोप का हिस्सा 18 फीसदी और इप्का लैब्स की आय में 12 फीसदी हिस्सा है। वहीं भारत फोर्ज की कुल आय में यूरोप का हिस्सा 25 फीसदी है, लेकिन मदरसन सुमी की आय में 80 फीसदी हिस्सा यूरोप का है और टेक महिंद्रा की आय में 30 फीसदी का है। सुंदर क्लेटन और किटेक्स गारमेंट्स की आय में यूरोप का हिस्सा 25-25 फीसदी है, जबकि जोडियाक क्लोदिंग की आय में यूरोप का हिस्सा 16 फीसदी और केपीआर मिल का 13 फीसदी है। वी एन आई

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