नई दिल्ली (वीएनआई ) 8 जुलाई, फीफा विश्व कप 2026 अपने निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुका है। क्वार्टर फाइनल की तस्वीर साफ हो चुकी है और अब दुनिया की निगाहें उन खिलाड़ियों पर टिकी हैं, जिन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से इस विश्व कप को यादगार बना दिया है। इस बार जहां कई दिग्गज टीमों का सफर समय से पहले समाप्त हो गया, वहीं कुछ खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से नए रिकॉर्ड कायम करते हुए इतिहास के पन्नों में जगह बना ली है। सबसे अधिक चर्चा अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी, फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे, नॉर्वे के अर्लिन होलन पी और इंग्लैंड के हैरी केन की हो रही है।
39 वर्षीय लियोनेल मेसी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उम्र केवल एक संख्या है। उन्होंने इस विश्व कप में अब तक आठ गोल दागकर गोल्डन बूट की दौड़ में बढ़त बना ली है। मिस्र के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना जब दो गोल से पिछड़ गया था, तब मेसी ने शानदार खेल दिखाते हुए टीम की वापसी कराई। इसी मुकाबले में किया गया उनका गोल उन्हें फीफा पुरुष विश्व कप इतिहास का सर्वाधिक गोल करने वाला खिलाड़ी भी बना गया। लगातार आठ विश्व कप मैचों में गोल करने का उनका कारनामा भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे भी किसी से पीछे नहीं हैं। अपनी विस्फोटक गति, शानदार ड्रिब्लिंग और सटीक फिनिशिंग के दम पर उन्होंने अब तक सात गोल दागे हैं। एम्बाप्पे लगातार दूसरे विश्व कप में गोल्डन बूट जीतने की दौड़ में बने हुए हैं। यदि वह यह उपलब्धि हासिल करते हैं तो विश्व फुटबॉल के चुनिंदा महान खिलाड़ियों की सूची में उनका नाम और मजबूत हो जाएगा। फ्रांस के आक्रमण की सबसे बड़ी ताकत भी एम्बाप्पे ही बने हुए हैं।
दिलचस्प यह है की नॉर्वे के अर्लिन होलन इस विश्व कप के सबसे बड़े उभरते सुपरस्टार साबित हुए हैं। यह उनका पहला फीफा विश्व कप है, लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन से अनुभवी खिलाड़ियों को भी पीछे छोड़ दिया है। ब्राजील जैसी दिग्गज टीम के खिलाफ निर्णायक गोल कर उन्होंने नॉर्वे को क्वार्टर फाइनल में पहुंचाया। सात गोल के साथ वह भी गोल्डन बूट की दौड़ में मेसी और एम्बाप्पे के बराबर चुनौती पेश कर रहे हैं। नॉर्वे को लगभग तीन दशक बाद विश्व कप के अंतिम आठ में पहुंचाने का श्रेय भी काफी हद तक होलन को दिया जा रहा है।
इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन एक बार फिर बड़े टूर्नामेंट में अपनी उपयोगिता साबित कर रहे हैं। छह गोल के साथ वह गोल्डन बूट की दौड़ में चौथे स्थान पर हैं, लेकिन नॉकआउट मुकाबलों में उनकी निरंतरता उन्हें खिताब का प्रबल दावेदार बनाए हुए है। इंग्लैंड को क्वार्टर फाइनल तक पहुंचाने में उनके नेतृत्व और अनुभव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अब नॉर्वे के खिलाफ होने वाले मुकाबले में उनकी सीधी टक्कर एरलिंग हालैंड से होगी, जिसे विश्व कप के सबसे बड़े मुकाबलों में से एक माना जा रहा है।
आपको बता दे कि गोल्डन बूट की दौड़ इस बार कई वर्षों में सबसे रोमांचक मानी जा रही है। मेसी आठ गोल के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि एम्बाप्पे और होलन सात-सात गोल के साथ बेहद करीब हैं। हैरी केन छह गोल के साथ अभी भी इस दौड़ में बने हुए हैं। क्वार्टर फाइनल और संभावित सेमीफाइनल मुकाबले इस प्रतिष्ठित पुरस्कार की तस्वीर पूरी तरह बदल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार गोल्डन बूट जीतने के लिए दस या उससे अधिक गोल की आवश्यकता पड़ सकती है।
गौरतलब है गोल्डन बॉल यानी टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी की दौड़ भी बेहद दिलचस्प हो गई है। इस सम्मान के प्रमुख दावेदारों में लियोनेल मेसी, किलियन एम्बाप्पे और यरकीन होलन शामिल हैं। इन खिलाड़ियों ने केवल गोल ही नहीं किए, बल्कि अपनी-अपनी टीमों को कठिन परिस्थितियों से बाहर निकालते हुए निर्णायक जीत भी दिलाई है। वहीं गोल्डन ग्लव्स के लिए कई गोलकीपरों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है, जबकि फेयर प्ले और यंग प्लेयर पुरस्कारों की दौड़ भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
अब सभी की नजरें क्वार्टर फाइनल मुकाबलों पर टिकी हैं। इन मैचों में न केवल विश्व कप की सेमीफाइनलिस्ट टीमें तय होंगी, बल्कि गोल्डन बूट, गोल्डन बॉल और अन्य व्यक्तिगत पुरस्कारों की तस्वीर भी काफी हद तक साफ हो जाएगी। फुटबॉल प्रेमियों को उम्मीद है कि मेसी का अनुभव, एम्बाप्पे की रफ्तार, हालैंड की गोल मशीन और हैरी केन की कप्तानी आने वाले मुकाबलों को और भी
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