नई दिल्ली, 23 मार्च, (वीएनआई) आज चैत्र नवरात्रि पांचवें दिन मां स्कंदमाता को पूजा जाता है। ये देवी भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता हैं, इसलिए इन्हें स्कंदमाता कहा जाता है।
मां स्कंदमाता कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं, इसलिए इन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है। मां स्कंदमाता की पूजा करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है और घर में सुख-शांति का वास होता है।
नवरात्रि के पांचवें दिन सुबह जल्दी स्नान करके साफ वस्त्र पहनें।पूजा स्थान पर मां स्कंदमाता की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। गंगाजल से शुद्धिकरण करें। मां को पीले रंग के फूल, फल और मिठाई अर्पित करें। धूप-दीप जलाकर विधिपूर्वक पूजा करें। मां को केले का भोग लगाना विशेष फलदायी माना जाता है। अंत में आरती करें और प्रसाद वितरित करें। मां स्कंदमाता को केला अति प्रिय है। पूजा में केले का भोग लगाने से संतान सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। खीर, रबड़ी, मिष्ठान या दूध और दूध से बनी मिठाइयों का भोग लगाने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
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