नई दिल्ली, 16 जुलाई, (वीएनआई) नागा विद्रोही समूहों के साथ मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और उनकी कैबिनेट संभावित शांति समझौते पर राज्य का इस वार्ता को लेकर दृष्टिकोण बताने के लिए दिल्ली पहुंचा।
मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने कहा कि हम आज गृहमंत्री से मिले और उन्हें अपनी चिंताओं से अवगत करवाया। राज्य विधानसभा चुनावों के वक्त भी पीएम मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह ने हमें यह भरोसा दिया था कि मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता सुरक्षित रहेगी। बीरेन सिंह ने कहा कि, मणिपुर के लोग, इतिहास और वर्तमान राज्य की सुरक्षा को याद रखना बहुत जरूरी है। अगर नागा ग्रुप्स के साथ वर्तमान समझौते की वजह से कुछ होता है तो लोगों की प्रतिक्रिया को कंट्रोल करना मुश्किल होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, मेरा मानना है कि केंद्र सरकार को मणिपुर की विधानसभा और राज्य सरकार को कोई भी फैसला लेने से पहले औपचारिक तौर पर जानकारी देनी चाहिए। अभी मैं यह नहीं कह सकता हूं कि यह टेरिटोरियल समझौता ही होगा। हमें एक शांतिपूर्ण समाधान चाहिए। बीरेन सिंह ने आगे कहा कि, अगर नागा संगठनों से बातचीत के बाद हमारी बात नहीं सुनी गई, अगर मणिपुर के लोगों और राज्य विधानसभा की सहमति नहीं ली गई तब हम कहीं के नहीं रहेंगे। तब स्वतः हमें अपना पदों से इस्तीफा देना होगा। गौरतलब है कि, पिछले कुछ दिनों से यह कयास लगाया जा रहा है कि नागा संगठनों से शांतिवार्ता के बाद मणिपुर के नागाबहुल हिस्सों को नगालैंड में शामिल कर दिया जाए। जिसकी मांग लंबे समय से ये नागा संगठन कर रहे हैं।
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