नई दिल्ली (वी एन आई )30जून, दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने राजधानी और आसपास के क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों के चलते मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है।
राजधानी में सोमवार को कई इलाकों में हुई हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक ने लोगों को भीषण गर्मी से अस्थायी राहत जरूर दिलाई थी, लेकिन बारिश थमने के बाद उमस फिर बढ़ गई। अब येलो अलर्ट जारी होने के बाद लोगों को उम्मीद है कि इस बार अच्छी बारिश होगी और लगातार पड़ रही गर्मी से राहत मिलेगी
हालांकि बारिश के इंतजार के साथ लोगों की चिंता भी कम नहीं है। दिल्ली में हर मानसून के दौरान कुछ घंटों की तेज बारिश के बाद कई प्रमुख सड़कें, अंडरपास और निचले इलाके जलभराव की चपेट में आ जाते हैं। इससे घंटों तक ट्रैफिक जाम, वाहन चालकों की परेशानी और आम जनजीवन प्रभावित होता है। ऐसे में लोग चाहते हैं कि इस बार बारिश राहत लेकर आए, लेकिन सड़कों पर जलभराव और लंबी जाम की स्थिति दोबारा न बने। नागरिकों की नजरें अब नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की तैयारियों पर भी टिकी हैं।
मौसम विभाग का अनुमान है कि दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद सहित पूरे एनसीआर में बादल छाए रहेंगे तथा अलग-अलग स्थानों पर बारिश, गरज-चमक और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। बारिश के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को उमस से राहत मिल सकती है।
येलो अलर्ट का अर्थ है कि लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों तथा मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें। गरज-चमक के दौरान विशेष सावधानी बरतने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की भी सलाह दी गई है।
यदि मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही साबित होता है तो जुलाई के शुरुआती दिनों में दिल्ली-एनसीआर को झमाझम बारिश का इंतजार खत्म हो सकता है। अब लोगों की उम्मीद सिर्फ अच्छी बारिश तक सीमित नहीं है, बल्कि वे यह भी चाहते हैं कि राजधानी इस बार मानसून का स्वागत बेहतर जलनिकासी व्यवस्था और सुचारु यातायात के साथ करे, ताकि राहत की बारिश किसी नई परेशानी का कारण न बने।
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