नई दिल्ली ( वीएनआई ) 17 जुलाई, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा 'NEET UG 2026' के परिणाम घोषित होने के साथ ही देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के सपनों को नई उड़ान मिली है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पंजाब के लुधियाना निवासी 'आर्यन गुप्ता' और हरियाणा के 'पंशुल बंसल' ने संयुक्त रूप से 720 में से 715 अंक प्राप्त किए। निर्धारित टाई-ब्रेकिंग नियमों के आधार पर 'आर्यन गुप्ता' को 'ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1' और 'पंशुल बंसल' को दूसरा स्थान मिला।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 'आर्यन गुप्ता' एक डॉक्टर परिवार से हैं। उनके पिता एनेस्थेटिस्ट हैं, जबकि उनकी माता भी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित अध्ययन, विषयों की गहरी समझ, मॉक टेस्ट का निरंतर अभ्यास और समय का प्रभावी प्रबंधन उनकी सफलता के प्रमुख कारण रहे। बताया जाता है कि उनका सपना भविष्य में कैंसर रोग विशेषज्ञ बनकर समाज की सेवा करना है।
हरियाणा के 'पंशुल बंसल' ने भी 715 अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उनका प्रदर्शन यह दर्शाता है कि कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास और निरंतर अभ्यास से किसी भी बड़ी परीक्षा में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
इस वर्ष छात्राओं ने भी शानदार प्रदर्शन किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महाराष्ट्र की 'कुडाले श्रावणी कृष्णा' ने 'ऑल इंडिया रैंक 5' हासिल कर देश की महिला टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया। वहीं बिहार की 'रिया रंजन' ने 'ऑल इंडिया रैंक 6' हासिल की। विशेषज्ञों का कहना है कि यह उपलब्धि देश की बेटियों की बढ़ती शैक्षणिक क्षमता और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उनके बढ़ते योगदान का प्रमाण है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस वर्ष 11.21 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में सफल हुए। 700 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 19 रही। उल्लेखनीय बात यह रही कि कुल सफल अभ्यर्थियों में 58 प्रतिशत से अधिक छात्राएं हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलते भारत की तस्वीर है, जहां बेटियां हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं।
इस बीच, NEET परीक्षा एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिक्षा सुधार और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर शिक्षाविद् 'सोनम वांगचुक' जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों का विश्वास बनाए रखने के लिए व्यापक सुधार जरूरी हैं। उनके आंदोलन को कई सामाजिक संगठनों और सार्वजनिक हस्तियों का समर्थन भी मिल रहा है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि NEET UG 2026 के परिणाम देश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का प्रमाण हैं। साथ ही यह भी आवश्यक है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को लगातार मजबूत किया जाए, ताकि प्रत्येक मेधावी छात्र को निष्पक्ष और समान अवसर प्राप्त हो सके।
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