नई दिल्ली (वीएनआई ) 26 जून देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अब पूरी रफ्तार पकड़ ली है और अधिकांश राज्यों में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है। कई इलाकों में लगातार हो रही वर्षा ने भीषण गर्मी से राहत दिलाई है, वहीं कुछ क्षेत्रों में जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी समस्याएं भी सामने आने लगी हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में उत्तर, पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, केरल और कर्नाटक सहित कई राज्यों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। कई शहरों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है। किसानों के लिए भी यह बारिश राहत लेकर आई है क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई अब तेजी से शुरू हो गई है।
हालांकि, लगातार हो रही बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन को प्रभावित भी किया है। निचले क्षेत्रों में जलभराव, सड़कों पर यातायात बाधित होने और कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। पर्वतीय राज्यों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, जबकि नदियों के जलस्तर में भी तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर और संतुलित मानसून भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। देश की बड़ी आबादी आज भी कृषि पर निर्भर है और अच्छी वर्षा से फसल उत्पादन बढ़ने की उम्मीद रहती है। इससे खाद्यान्न उत्पादन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महंगाई पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखें, बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें, जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। यदि मानसून इसी तरह सक्रिय बना रहा तो आने वाले सप्ताह में देश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी वर्षा देखने को मिल सकती है, जिससे जलाशयों का जलस्तर सुधरेगा और खेती को भी बड़ा लाभ मिलेगा|
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