नई दिल्ली (वी एनआई ) 27 जून, देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और इसके साथ ही कई राज्यों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने केरल, कर्नाटक, गुजरात, ओडिशा, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। वहीं दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
आपको बता दें कि मानसून की सक्रियता बढ़ने से देश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी से राहत मिलने लगी है। हालांकि उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में अभी भी लू और उमस का असर बना रह सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहने और बिजली गिरने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने की सलाह दी है।
गौरतलब है कि भारत की लगभग 70 प्रतिशत वार्षिक वर्षा मानसून के दौरान होती है। देश की कृषि, पेयजल आपूर्ति, जलाशयों का जलस्तर और बिजली उत्पादन काफी हद तक इसी पर निर्भर करता है। मानसून की अच्छी बारिश खरीफ फसलों की बुवाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस बार मानसून की रफ्तार तेज होने से किसानों में उत्साह का माहौल है और धान, मक्का, सोयाबीन तथा अन्य खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
यह जानना दिलचस्प है कि भारत मौसम विभाग मौसम उपग्रहों, डॉप्लर रडार, समुद्री आंकड़ों और अत्याधुनिक कंप्यूटर मॉडलों की मदद से मानसून की गतिविधियों पर लगातार नजर रखता है। इसी आधार पर समय-समय पर वर्षा, आंधी और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की जाती है, जिससे लोगों को पहले से सतर्क रहने का अवसर मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून उत्तर और मध्य भारत के और अधिक हिस्सों में सक्रिय रहेगा। इसके चलते कई राज्यों में भारी वर्षा, तेज हवाओं और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। ऐसे में नागरिकों को मौसम विभाग की ताजा सलाह का पालन करना चाहिए, जबकि किसानों को वर्षा का लाभ उठाते हुए वैज्ञानिक तरीके से बुवाई और जल प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए। मानसून की अच्छी शुरुआत से कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद|
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