नई दिल्ली १७ अप्रैल ( सुनीलकुमार/वीएनआई) दायें के स्थान पर बाएं हाथ का प्रयोग करने को असमान्य आदत मान कर 'लेफ्टी'को टोकते मत रहिये,बल्कि एक सर्वे के अनुसार ऐसी आदत वाले लोगो मे आईक्यू लेवल अधिक होता है . शोधकर्ताओं का मानना है कि खास तौर पर लैफ्ट-हैंडेड महिलाएं और भी प्रवीण होती है. अमरीका के पिछले सात राष्ट्रपतियो मे से चार लेफ्टी थे.
लेफ्टी महिलाओ के बारे मे कहा गया है कि वे काम करते समय वे अपने दिमाग को इस प्रकार से नियंत्रित कर लेती हैं कि उनके दोनों हाथ एक साथ काम करने लगते हैं। उनका दिमाग काफी तेज़ी से दोनों हाथों को कमांड देने लगता है, परिणाम स्वरूप पलक झपकते ही सारे काम खत्म हो जाते हैं।
सर्वे के मुताबिक किसी क्षेत्र की 100 फीसदी जनसंख्या में से अधिकतम 10 प्रतिशत लोग बाएं हाथ का प्रयोग करने वाले होते हैं। वे, खाते समय, कार्य करते समय और यहां तक कि लिखते समय भी अपने बाएं हाथ को इस्तेमाल में लाते हैं।सामान्य लोगों की जानकारी में यह सामान्य बात नहीं है, लेकिन बाएं हाथ का इस्तेमाल करने वालों के लिए यह एक अच्छा अनुभव कहलाता है। हर कार्य में बाएं हाथ का प्रयोग करने वालों में एक खास बात देखी गई है।ये लोग अपने बाएं हाथ को तो बखूबी इस्तेमाल कर ही लेते हैं, साथ ही इनमें उतनी या फिर उससे कुछ ही कम कुशलता से अपने दाहिने हाथ को प्रयोग करने की भी कला होती है। ्सर्वे बताता है कि लेफ्टी आईक्यू लेवल अधिक होता है विषय चाहे कुछ भी हो, उसका एक अलग सार या दिशा देना इनकी आदत होती है, खास तौर पर लैफ्ट-हैंडेड महिलाओं की एक खूबी ्तो ऐसी है, जो पुरुषों में भी कम पाई जाती है। शोध के अनुसार लैफ्ट-हैंडेड महिलाएं कुछ ज्यादा ही प्रवीण होती है वे एक ही साथ कई काम कर सकती हैं। इसका एक कारण उनके द्वारा संतुलन बनाने के लिए दोनों हाथों को प्रयोग में लाना भी हो सकता है।
तो जरा सोचिये जो हमेशा ही बाएं हाथ को उपयोग में लाते हैं जरा कभी उनके हाथों की तेज़ी भी देखें। वी एन आई