नई दिल्ली, 15 सिंतबर, (वीएनआई) यूपीआई से होने वाले डिजिटल लेन-देन पर शुल्क को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार के हालिया नोटिफिकेशन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। वहीं राहुल गांधी का दावा है कि यह फैसला अमेरिकी कंपनियों को फायदा पहुंचाने और वाशिंगटन के दबाव में लिया गया है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया है कि सरकार ने चोर दरवाजे से यूपीआई पेमेंट्स पर टैक्स ठोकने का खाका तैयार कर लिया है। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि भले ही ₹2,000 से बड़े लेन-देन की संख्या कुल आंकड़ों का केवल 5 प्रतिशत हो, लेकिन वैल्यू के हिसाब से कुल यूपीआई ट्रांजैक्शन का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं से आता है। सरकार भले कहे कि ग्राहकों से फीस नहीं लेंगे, लेकिन जब दुकानदारों पर टैक्स लगेगा तो वे कीमतें बढ़ाकर पैसा आम जनता की जेब से ही निकालेंगे। अमेरिकी पेमेंट कंपनियां लंबे समय से भारत की जीरो-एमडीआर पॉलिसी का विरोध कर रही थीं। ट्रेड डील की तरह ही पीएम मोदी ने अमेरिकी दबाव के सामने सरेंडर कर दिया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा दस साल पहले नोटबंदी का झटका देकर कहा गया था कि डिजिटल और कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब उसी डिजिटल पेमेंट पर डाका डाला जा रहा है। थोक महंगाई पहले ही 10 फीसदी के करीब है। वित्त मंत्री ने संसद में वादा किया था कि यूपीआई फ्री रहेगा, लेकिन अब ₹5,000 के लेन-देन पर ₹25 और ₹10,000 पर ₹50 तक वसूलने की रिपोर्ट सामने आ रही हैं। जनता की बची-कुची बचत को खत्म करने का पूरा प्लान तैयार है।
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