नई दिल्ली, 2 नवंबर (वीएनआई) वोट बचाओ लोकतंत्र बचाओ की पुरजोर पुकार के साथ कल यहा हुई "दिल्ली चलो' रेली के एक दिन बाद भी इंडिया गठबंधन और सत्तारूढ भारतीय जनता पार्टी के बीच रेली की सफलता को ले कर आरोप और प्र्त्यारोपों का सिलसिला जारी हैं विपक्षी गठबंधन ्का रेली से जहा हौसले बुलंद हुये है, और वे इस जन समर्थन को उत्तरप्रदेश के अगले वर्ष के प्रारंभ में होने वाले वि्धान सभा चुनाव में अपना पलड़ा भारी होने के रूप में देख रहे हैं, उन का कहना हैं कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त पर इतना दबाव बनायेंगे कि उन्हें ना केवल जाना पड़ेगा बल्कि वोट चोरी की सजा के लिये जेल भी जाना पड़ेगा. दूसरी तरफ भाजपा ने इस रेली को सुपर फ्लॉप बताया और कहा कि वे गठबंधन की अराजकता वाली गतिविधियों के लिये देश भर में रेलियॉ, पद यात्राये और विरोध प्रदर्शन करेंगे. बहरहाल रेली तो कल हो गई लेकिन आरोप और प्र्त्यारोपों के बीच कई सवाल छोड़ गई
रैली में कांग्रेस के उत्तर प्रदेश के दूर-दूर के जिलों से आए थे. रैली में समाजवादी पार्टी की लाल टोपी पहने कार्यकर्ता नजर आये. कांग्रेस के नेतृत्व में हुई विपक्ष की इस महारैली में देश के कोने-कोने से कांग्रेस के कार्यकर्ता भारी तादाद में पहुंचे.मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में कथित अनियमितताओं के विरोध में आयोजित इस रैली में देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग पहुंचे थे.
रामलीला मैदान के आसपास की सड़कों पर भीड़ थी. मैदान के भीतर जाने के रास्तों पर भी लोगों की आवाजाही लगातार बनी हुई थी. एक प्रत्यक्ष दर्शी के अनुसार भीड़ इतनी ज़्यादा थी कि मैदान के भीतर पहुंचने के लिए काफ़ी मशक्कत करनी पड़ी. रेली में हिस्सा ले रहे एक रेली समर्थक के अनुसार दर असल रेली के आयोजन से दो दिन पहले राजधानी में हुई भारी बारिश से मै्दान बारिश के पानी और कीचड़ से भर गया था जिसे बमुश्किल बाल्टियों से पानी बाहर उंडेला गया लेकिन कीचड़ की वजह से भारी तादाद में रेली में आये लोगों को बैठने की जगह नह्ई मिल पायी. लेकिन लोगों का जोश कम नही हुआ
इस रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल , वाम दल, विभिन्न पार्टियों के छात्र और ट्रेड युनियन और इंडिया गठबंधन के दूसरे सहयोगी दलों के कार्यकर्ता शामिल थे. कोक्रोच जनता पार्टी ने भी इस रैली को समर्थन दिया.कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी समेत उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आर जे डी के तेजस्वी यादव जम्मू-कश्मीर के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती वामदलों के डी राजा, एम ए बे सीपीआईएमएल के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य भी रैली में शामिल हुए.रैली में विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर जमकर हमला बोला.
लेकिन यहां मौजूद लोगों की चिंता सिर्फ़ राजनीतिक दलों के समर्थन तक सीमित नहीं थी.कई लोग चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और अपने वोट के अधिकार को लेकर सवाल उठा रहे थे.रैली में विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर जमकर हमला बोला.
कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ रामलीला मैदान में कल यह रैली आयोजित की थी. इसमें विपक्ष के प्रमुख दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया.बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने रैली में दस लाख लोगों के जुटने के दावे पर सवाल उठाए
संबित पात्रा ने विपक्ष से सवाल पूछते हुए कहा, "दस लाख लोग कहां थे? हमें दिखाइए. इस तरह के पैंतरों से कोई नेता या प्रधानमंत्री नहीं बनता है. रैली में शामिल एक विपक्षी नेता के अनुसार विपक्ष ने सरकार को यह संदेश दिया है कि वह अपनी शिकायतों को लेकर सार्वजनिक विरोध जारी रखेगा.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रैली में कहा कि इंडिया गठबंधन देश में "लोकतंत्र को खत्म नहीं होने देगा. ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना 'देश को सही रास्ते पर लाने की दिशा में पहला कदम' है.''
राहुल गांधी ने कहा, "अमित शाह जी ने कहा कि 'नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जा रहे.' मैं आपको उल्टा बताता हूं- नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जा सकते. अगर जाना भी चाहेंगे, हम उन्हें नहीं जाने देंगे.''रैली में वामदलों के नेता भी शामिल हुए. रैली में अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, सीपीआईएमएल के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी सरकार पर जमकर हमला बोला.
इस बीच बीजेपी ने भी कई राज्यों में कांग्रेस के खिलाफ पदयात्रा की. गृह मंत्री अमित शाह ने ऐसी ही एक पद यात्रा की.दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और अन्य बीजेपी नेताओं ने 1984 के सिख दंगों के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लिया. वहीं हरियाणा के रोहतक में भारतीय जनता पार्टी के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल हुए
इस बीच दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली के बाद बीजेपी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष को घेरा है.बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने रैली में दस लाख लोगों के जुटने के दावे पर सवाल उठाए.संबित पात्रा ने विपक्ष से सवाल पूछते हुए कहा, "दस लाख लोग कहां थे? हमें दिखाइए. इस तरह के पैंतरे से कोई नेता या प्रधानमंत्री नहीं बनता है. इतनी उनके मुताबिक, विपक्ष ने सरकार को यह संदेश दिया है कि वह अपनी शिकायतों को लेकर सार्वजनिक विरोध जारी रखेगा.
बहरहाल रेली से जुड़े अनेक लोगों का यह मानना था कि उन्होंने हाल के सालों में राजनीतिक रैली में इतनी भीड़ नहीं देखी है. बहरहाल अब जब कि रेली हो चुकी हैं सवाल अब यह रह गया हैं कि क्या विपक्ष वोट चोरी को चुनावी जीत तक पहुंचाने वाला मुद्दा बनाने में कामयाब रहेगा, ज्ञानेश कुमार क्या जायेंगे, कब तक, देश मे क्या एक नया माहौल बनना शुरू हुआ हैं सवाल कई है, जिन का जबाव धीरे धीरे ही सामने आयेगा ? वी एन आई / समाप्त
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