नई दिल्ली, 3 नवंबर (वीएनआई)| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि खाद्य क्षेत्र में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को मंजूरी दी गई है और सरकार की महत्वाकांक्षी 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम में इस क्षेत्र पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
खाद्य उद्योग के तीन दिवसीय वैश्विक सम्मेलन का यहां उद्घाटन करते हुए मोदी ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण की भारत में पुरानी प्रथा है और सरल, घरेलू तकनीकों जैसे 'किण्वन' से मशहूर अचार, पापड़, चटनी और मुरब्बा बनाया जाता है, जिसे दुनिया भर में अमीर-गरीब सभी पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश को इस क्षेत्र का 'सबसे पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए परिवर्तनकारी पहल की श्रृंखला की शुरुआत की है।'
वर्ल्ड फूड इंडिया सम्मेलन में 30 देशों की 200 कंपनियां और 2,000 प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इसके अलावा इसमें देश के 28 राज्यों और 18 मंत्रालयों और व्यापार प्रतिनिधिमंडलों ने हिस्सा लिया है। साथ ही इसमें सभी प्रमुख घरेलू खाद्य प्रंसस्करण कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी हिस्सा ले रहे हैं। मोदी ने कहा कि हाल में ही लांच किए गए 'निवेश बंधु' पोर्टल पर केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को प्रदान की जाने वाली प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी मिलेगी। खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने अपने संबोधन में कहा कि इस तीन दिवसीय वैश्विक आयोजन के दौरान 10 अरब डॉलर के समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
No comments found. Be a first comment here!