नयी दिल्ली/न्यूयॉर्क,20 सितंबर(वीएनआई)भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों के साथ पाकिस्तान अब भारत के पत्रकारो के साथ भी विद्वेष पूर्ण रवैया अपना रहा है अमेरिका के न्यूयॉर्क में पाकिस्तान के विदेश सचिव की मीडिया ब्रीफिंग से पहले ्पाकिस्तानी पत्रकारो ने एक भारतीय पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार किया और इस मीडिया ब्रीफिंग के पहले एनडीटीवी के पत्रकार को बाहर जाने के लिए कहा और जोर जोर की आवाजे लगाई 'इस इंडियन को निकालो'
'इस इंडियन को निकालो',मीडिया ब्रीफिंग हॉल में कुछ पाकिस्तान पत्रकार लगातार यह चिल्ला रहे थे. ्निशाना एनडीटीवी की नम्रता बरार थी. न्यूयॉर्क के रूसवेल्ट होटल में पाकिस्तान के विदेश सचिव एजाज अहमद चौधरी संयुक्त राष्ट्र की आम सभा से पहले मीडिया को ब्रीफ करने वाले थे जब यह असंवेदनशील बातें हुई.,जिसकी चर्चा सोशल मीडिया में भी हो रही है.
इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भी एक भारतीय पत्रकार को उरी में हुए आतंकी हमले के सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया.हैरानी की बात है कि कश्मीर् श्ब्द को ले कर रोटिया सेंकने वाले नवाज इस सवाल से बच निकल भागे
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के उरी में रविवार को आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव का माहौल पैदा हो गया है. इस हमले में 18 भारतीय जवान शहीद हो गए हैं. इस हमले का शक आतंकी संगठन जैश के मोहम्मद पर है. जैश का प्रमुख मसूद अजहर पाकिस्तान की धरती से भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है.
हमले के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को आतंकी राष्ट्र घोषित करने और इसे अलग-थलग करने की बात की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ बैठक में साफ कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को अलग-थलग किया जाना चाहिए.
इस्लामाबाद में हाल ही में संपन्न दक्षेस देशों के गृह मंत्रियों के सम्मेलन को कवर करने के लिए गए भारतीय पत्रकारों को पाकिस्तानी अधिकारियों के द्वेषपूर्ण रवैये का सामना करना पड़ा था. पत्रकारों को न केवल उद्घाटन समारोह में जाने से रोका बल्कि उन्हें बैठक स्थल के उस प्रवेश द्वार पर भी नहीं खड़े होने दिया जहां उनके गृह मंत्री अतिथियों का स्वागत कर रहे थे. पाक अधिकारियों के इस रवैये के चलते तनाव उत्पन्न हो गया था. यह बैठक कवर करने के उद्देश्य से पाकिस्तान जाने के लिए छह भारतीय पत्रकारों को वीजा दिया गया था.वी एन आई