नई दिल्ली, 6 मई, (वीएनआई) केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। वर्तमान में प्रधान न्यायाधीश सहित जजों की कुल स्वीकृत संख्या 34 है, जिसे अब बढ़ाकर 38 करने की योजना है। इसे भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार आगामी संसदीय सत्र में एक विशेष विधेयक पेश करेगी। अश्विनी वैष्णव के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में वर्तमान में 1 मुख्य न्यायाधीश और 33 अन्य न्यायाधीश कार्यरत हैं। 4 नए पद सृजित होने से संवैधानिक पीठों के गठन और महत्वपूर्ण कानूनी मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी। संसद से विधेयक पारित होने के बाद यह बदलाव आधिकारिक रूप से लागू हो जाएगा, जिससे न्याय प्रक्रिया की बाधाएं दूर होंगी। गौरतलब है जजों की संख्या में यह 12% की वृद्धि मुख्य रूप से अदालतों पर बढ़ते मुकदमों के बोझ को कम करने और लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के उद्देश्य से की जा रही है, ताकि आम नागरिकों को समय पर न्याय मिल सके।
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