नई दिल्ली, 03 जुलाई, (वीएनआई)। भारतीय रेलवे ने ट्रेनों के एसी कोच में कंबलों को बदलने के बाद अ फेस टॉवेल को बदलने का फैसला लिया है। ट्रेनों के एसी कोच में मिलने वाले फेस टॉवेल अब यात्रियों को नहीं दिए जाएंगे, इसकी जगह नैपकीन देने का फैसला लिया गया है।
रेलवे बोर्ड ने एक ऑर्डर जारी कर सभी एसी कोच में तौलिये की जगह छोटे, सस्ते और डिस्पोजेबल नैपकिन देने के लिए कहा है। एसी कोच में मिलने वाले ये नैपकीन तौलिये के मुकाबले सस्ते भी होंगे। फिलहाल मिलने वाला तौलिया यात्रियों को 3.53 रुपये का पड़ता है। एसी कोच में सफर कर रहे यात्रियों को यात्रा के लिए पूरी बेडिंग मिलती है। इसमें तकिया, चद्दर और कंबल के साथ छोटा तौलया (फेस टॉवेल) भी मिलता है। जहां रेलवे पहले ही कंबलों को बदलने का आदेश दे चुका है, वहीं अब वो तौलिये को भी बदलने जा रहा है। रेलवे बोर्ड ने सभी एसी कोच में दिए जाने वाले तौलिये को बदलकर उसकी जगह छोटे और सस्ते नैपकीन देने का फैसला किया है।
सभी रेलवे जोन के जनरल मैनेजरों को लिखे गए लेटर में बोर्ड ने कहा है कि नए नैपकीन का साइज छोटा होगा और वो भारी मात्रा में मंगाए जाएंगे, इसलिए इसकी कीमत तौलिये से कम पड़ेगी। रेलवे अधिकारी के अनुसार नया नैपकीन पर्यावरण के अनुकूल होगा और कॉटन का बना होगा जिससे वो अधिका पानी सोख पाएगा। हर बेडरोल के साथ यात्रियों को ऐसे दो नैपकीन दिए जाएंगे। बता दें कि बेडरोल की कीमत एसी कोच में सफर कर रहे यात्रियों के टिकट किराये में शामिल होती है।
No comments found. Be a first comment here!