सूरत,23 जुलाई(अनुपमाजैन/वीएनआई)21 वर्षीत द्वव्य ढोलकिया, एक सामान्य सा दिखने वाला युवक,रोजगार की तलाश मे अपने घर गुजरात से सैक़ड़ो किलो मीटर दूर केरल पहुंचता है, अनजानी जगह, अनजाने लोग, अनजानी भाषा, दर्जनो कंपनियॉ उसे काम देने से इंकार कर देती है हालांकि वह बताता है वह गरीब परिवार से है उसे काम की बहु अभुत जरूरत है, लेकिन काफी मुश्किल से उसे रोजगार मिलता है, कभी बेकरी कर्मचारी, कभी जुते की दुकान का सेल्स मेन, कभी कॉल सेन्टर् का फोन उठाने वाला तो कभी मेक्डोनाल्ड मे पिज्जा बेचने वाला सेल्स मेन... लेकिन ठहरिये दव्य वो नही है जो दिख रहा है, दरसल वो भारत के अरबपति साव जी ढोलकिया का बेटा है. जो एशो आराम मे पला बढा,जिंदगी उसके लिये सुनहरी सपना थी लेकिन 6000 करोड़ रुपये की डायमंड कंपनी हरिकृष्णा एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन सावजी ढोलकिया अपने कर्मचारियों को बोनस में कार व फ्लैट बांटने के बाद सुर्खियों में आये साव जी ढोलकिया चाहते थे बेटा जिंदगीका असली चेहरा देखे, एक मेहनतकश जिंदगी के पसीने की अहमियत जाने और उन्होने अपने बेटे को जिंदगी की चुनौतियों का सामना करने के लिए कुछ अलग अंदाज में इस तरह से ट्रेनिंग देने के लिये कदम बढा दिये रहे हैं.
साव जी ढोलकिया के अनुसार " मैं अपने बेटे को पैसे का महत्व समझाना चाहता हूं. मैं चाहता हूं कि वो जिंदगी की चुनौतियों को समझे. और अपने को तपा कर आगे बढे" इसके लिए उन्होंने अपने बेटे को केरल काम करने भेजा . साव जी ढोलकिया ने कहा कि वहां उसे सामान्य नौकरी करने के लिए कहा गया है. घर से इसके लिए कोई आर्थिक मदद नहीं दी जायेगी.दरसल दव्य अमरीका मे बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की पढाई कर रहा है. जब वह छुट्टियो मे घर आया तो पिता ने सोचा अरबो का कारोबार बेटे को सौंपने से पहले जरूरी है बेटा पैसे की अहमियत समझे बस बेटा चल पड़ा केरल जहा भाषा का जानकारी तक नही होना बड़ी बा्धा थी लेकिन द्वव्य के लिये यह चुनौती का सफर था. पिता ने कहा वह इस दौरान मोबाईल फोन इस्तेमाल नही कर सकता,उसे 7000 रूपये मिलेंगे जो एमर्जेन्सी के लिये होंगे. द्वव्य ने भी यह चुनौती सफलता से पूरी की उसका ्कहना था कि 40 रूपये मे उसका पेट भर जाता था 240 रूपये वह एक छोटे से लॉज मे रहने के किराये बतौर देता था, इससे ज्यादा उसकी जरूरत थी ही नही.
6000 करोड़ रुपये की डायमंड कंपनी हरिकृष्णा एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन सावजी ढोलकिया ने अपने कर्मचारियों को असाधारण बोनस दिया. उन्होने कहा ह कि वे कार, फ्लैट या ज्वेलरी में से जो चाहे, चुन लें. कंपनी को यह बोनस अपने लॉयल्टी प्रोग्राम के तहत दिया है. करीब 500 कर्मचारियों ने कार को चुना. शेष कर्माचिरयों ने फ्लैट या ज्वैलरी ली. उनकी कंपनी ने अपने सभी 1,200 कर्मचारियों में से हरेक को लगभग 3.60 लाख रुपये का परफॉरमेंस इनसेंटिव दिया है. यह पहला मौका नहीं था. ढोलकिया की कंपनी सिर्फ दो दशक में इन्हीं कर्मचारियों की मदद से 6000 करोड़ टर्नओवर कर रही है.वी एन आई