Breaking News
विराट और रहाणे ने पारी को संभाला, भारत ने पहले दिन बनाये 307/6 रन         ||           एसबीआई ने दो करोड़ रुपये देकर केरल बाढ़ पीड‍़‍ितों की मदद की         ||           बीजेपी ने कहा सिद्धू का बाजवा के गले मिलना जघन्य अपराध है, राहुल गांधी सफाई दें         ||           अखिलेश यादव के होटल निर्माण पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक         ||           पूर्व संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफी अन्‍नान का 80 वर्ष की आयु में निधन         ||           इसो एलबेन ने साइकिलिंग चैम्पियनशिप में इतिहास रचते हुए भारत को पहला पदक दिलाया         ||           प्रियंका चोपड़ा का निक जोनस साथ हुआ रोका         ||           इंग्लैंड ने टॉस जीता, भारत को पहले बल्लेबाज़ी का न्योता         ||           विदेशी पूंजी भंडार देश में 1.82 अरब डॉलर घटा         ||           राहुल गांधी ने केरल बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की         ||           प्रधानमंत्री मोदी ने बाढ़ प्रभावित केरल को 500 करोड़ रुपये की मदद का ऐलान किया         ||           आज का दिन : एशियन गेम्स         ||           नवजोत सिंह सिद्धू पाक आर्मी चीफ से मिले गले         ||           इमरान खान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की शपथ ली         ||           कर्नाटक में बाढ़ जैसे हालात, तीन लोगों की मौत         ||           गुजरात में ट्रक-ऑटो की टक्कर से 5 लोगों की मौत         ||           इमरान खान आज पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे         ||           प्रधानमंत्री मोदी बाढ़ के हालात का जायजा लेने देर रात केरल पहुंचे         ||           बॉलिवुड स्टार केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए         ||           अलविदा अटलजी : कर्तव्य पथ         ||           
close
Close [X]
अब तक आपने नोटिफिकेशन सब्‍सक्राइब नहीं किया है. अभी सब्‍सक्राइब करें.

Home >> महिलाओं पर थाइरॉइड विकारों का ज्यादा असर

महिलाओं पर थाइरॉइड विकारों का ज्यादा असर


admin ,Vniindia.com | Wednesday March 28, 2018, 09:32:00 | Visits: 200







नई दिल्ली, 28 मार्च (वीएनआई)| एक रिपोर्ट में पता चला है कि लगभग 32 प्रतिशत भारतीयों में थायरॉइड के असामान्य स्तर पाए जाते हैं और वे विविध थायरॉइड रोगों से पीड़ित होते हैं, जैसे थायरॉइड नोड्यूल, हाइपरथायरॉइडिज्म, गॉयटर, थायरॉइडाइटिस और थायरॉइड कैंसर। 



रिपोर्ट से यह भी संकेत मिलता है कि सब क्लिनिकल हाइपोथायराइडिज्म असल में हाइपोथायरॉइडिज्म का एक हल्का रूप है। यह एक साइलेंट कंडीशन है, जो पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अधिक प्रभावित करती है और पूरे देश में थायरॉइड विकार का सबसे प्रचलित रूप है। सब-क्लिनिकल हाइपोथायराइडिज्म का पता तब चलता है, जब किसी व्यक्ति में हाइपोथायरॉइडिज्म के हल्के लक्षण दिखते हैं, थायरॉइड-उत्तेजक हार्मोन (टीएसएच) का उच्च स्तर मिलता है और थायरॉक्सिन (टी4) का सामान्य स्तर मिलता है।



हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एचसीएफआई) के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा कि थायरॉइड रोग महिलाओं में अधिक होता है। इससे वजन और हार्मोन असंतुलन जैसी कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। थायरॉइड हार्मोन और टीएसएच में वृद्धि के निर्धारण में आनुवंशिकी की एक प्रमुख भूमिका है। इससे ऑटोइम्यून थाइरॉइड रोग का पता लगाना भी संभव हो जाता है। उन्होंने कहा, "थायरॉइड समस्याओं के पारिवारिक इतिहास वाले लोगों को थायरॉइड असामान्यता का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, अपने परिवार के चिकित्सा इतिहास के बारे में जागरूक होना और पहले से सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है।"



डॉ. अग्रवाल ने बताया कि हाइपोथायरॉइडिज्म के कुछ सामान्य क्लिनिकल लक्षणों में डिप्रेशन और थकान, हाइपरलिपिडेमिया और हाइपर होमोसिस्टीनेमिया, गॉइटर, रूखे बाल, ठंड बर्दाश्त न कर पाना, कब्ज और वजन बढ़ना, सुनने में कठिनाई, मेनोरेगिया, ब्रेडिकार्डिया और कोरोनरी धमनी रोग या हृदय रोग आदि प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि लोगों के बीच थायरॉइड के कारण, लक्षण, उपचार और समस्याओं के परीक्षण के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा की जाए। यह महिलाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इन रोगों का महिलाओं के लिए अधिक जोखिम है। गर्भवती महिलाओं या गर्भधारण की इच्छुक महिलाओं के लिए यह जरूरी है कि वे अपने थायरॉइड की जांच करा लें।



Latest News




कमेंट लिखें


आपका काममें लाइव होते ही आपको सुचना ईमेल पे दे दी जायगी

पोस्ट करें


कमेंट्स (0)


Sorry, No Comment Here.

संबंधित ख़बरें