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सुरेश प्रभु ने कहा उर्जा भंडारण के लिए अनुसंधान व विकास पर हो निवेश


admin ,Vniindia.com | Thursday January 11, 2018, 10:32:00 | Visits: 104







नई दिल्ली, 11 जनवरी (वीएनआई)| ऊर्जा भंडारण दुनिया के एनर्जी प्रोफाइल के डायनैमिक्स को बदल सकता है और इस तरह ऊर्जा भंडारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा रणनीति में एक अहम घटक है। हमें ऊर्जा भंडारण अगुआ होना चाहिए और इसके अनुसंधान व विकास में निवेश करना चाहिए। 



केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने यहां एनर्जी स्टोरेज इंडिया (ईएसआई) 2018 में आज यह बातें कही। एनर्जी स्टोरेज इंडिया (ईएसआई) 2018 की यहां गुरुवार को शुरुआत हुई। इस मौके पर ऊर्जा भंडारण से जुड़े बड़े मुद्दे, चुनौतियां, उभरती प्रवृत्तियां और कई तरह के मौकों की चर्चा हुई जो भारत में ऊर्जा भंडारण, माइक्रो ग्रिड और इलेक्ट्रीक व्हेकिल समाधानों के लिए है। केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री ने इसमें हरे-भरे, साफ और स्थिर ग्रिड के लिए ऊर्जा भंडारण की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रभु ने कहा, "ऊर्जा भंडारण दुनिया के एनर्जी प्रोफाइल के डायनैमिक्स को बदल सकता है और इस तरह ऊर्जा भंडारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा रणनीति में एक अहम घटक है। हमें अगुआ होना चाहिए और अनुसंधान व विकास में निवेश करना चाहिए।" उन्होंने भाग लेने वालों को मिलकर काम करने के लिए प्रेरित किया ताकि अनुसंधान और विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थानीय आवश्यकताओं का ख्याल रखते हुए काम किया जा सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि ईएसआई 2018 से एनर्जी स्टोरेज इकोसिस्टम से संबद्ध बहुत सारे मुद्दों से निपटने में सहायता मिलेगी। 



ईएसआई 2018 का आयोजन इंडिया स्टोरेज अलायंस ने किया है और इसका आयोजन इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना टेक्नॉलजी मंत्रालय, विज्ञान व टेक्नॉलजी एनर्जी स्टोरेज इंडिया (ईएसआई) 2018 मंत्रालय, इंवेस्ट इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, स्किल कौंसिल जैसी सरकारी संस्थाओं और उद्योग की अन्य अग्रणी संस्थाओं जैसे फ्लुएंस, एनरब्लू और डेल्टा इलेक्ट्रॉनिक्स के सहयोग से किया गया है।  नियामक प्रयासों और एनर्जी स्टोरेज की संभावनाओं के बारे में बताते हुए नीति आयोग के अतिरिक्त सचिव (ऊर्जा) आरपी गुप्ता ने कहा, "भारत में धूप और हवा की उपलब्धता बहुत है। इसलिए अक्षय ऊर्जा एक किफायती और अनूठा मौका पेश करता है ताकि देश की ऊर्जा आवश्यकता की पूर्ति की जा सके। नीति आयोग इंडिया ऊर्जा नीति बनाने की प्रक्रिया में है। एनर्जी स्टोरेज का ऊर्जा नीति में अहम स्थान होने वाला है। इंडियन एनर्जी स्टोरेज अलायंस (आईईएसए) के कार्यकारी निदेशक डॉ. राहुल वालावाल्कर ने कहा, "ईएसआई ने खुद को सबसे बड़े बदलाव मंच के रूप में साबित कर दिया है और इस आयोजन पर दुनिया की नजर है, जिसमें 25 देशों के उद्योग के 1000 विशेषज्ञों, 100 वक्ताओं, 50 प्रदर्शकों और साझेदारों की भागीदारी से इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। भारत में पांचवें एनर्जी स्टोरेज इंडिया के आयोजन से हमें यकीन है कि 2018 'ईयर ऑफ दि एक्शन' होगा, जहां हम एनर्जी स्टोरेज प्रौद्योगिकीयों की बड़े पैमाने पर तैनाती देखेंगे।"



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