Breaking News
सैमसंग का शुद्ध लाभ 52 फीसदी बढ़ा         ||           तेल की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी         ||           शेयर बाजार हरे निशान पर खुले         ||           व्हाइट हाउस ने कहा उत्तर कोरिया सही दिशा में आगे बढ़ रहा         ||           पाकिस्तान में सड़क दुर्घटनाओं में 20 लोगो की मौत         ||           चेन्नई ने आईपीएल-11 में बेंगलोर को 5 विकेट से हराया         ||           पांड्या और कार्तिक विश्व एकादश की टीम का हिस्सा होंगे         ||           केशव मौर्य ने कहा विपक्षियों को सता रहा प्रधानमंत्री मोदी का डर         ||           अभिनेता श्याम की पुण्य तिथि पर         ||           आज का दिन :         ||           प्रधानमंत्री मोदी कर्नाटक के भाजपा उम्मीदवारों से संवाद करेंगे         ||           सेंसेक्स 115 अंकों की गिरावट पर बंद         ||           भारत और मंगोलिया व्यापार बढ़ाने, आतंकवाद से मिलकर मुकाबला करने पर सहमत         ||           सिद्धार्थ कौल को आईपीएल-11 में आचार संहिता के उल्लंघन पर फटकार         ||           2013 दुष्कर्म मामले में आसाराम बापू को उम्रकैद की सजा         ||           ब्रावो ने कहा हमें कैरिबियाई लोगों की मदद करने का मौका नहीं दिया गया         ||           जयवर्धने ने कहा किसी ने भी जिम्मेदारी नहीं ली         ||           भारत ने कहा धन की कमी के कारण संयुक्त राष्ट्र के शांति निर्माण प्रयासों में रुकावट         ||           फिल्म 'नमस्ते इंग्लैंड' का नया पोस्टर रिलीज         ||           सलमान खान ने कश्मीर में महबूबा मुफ्ती से मुलाकात की         ||           
close
Close [X]
अब तक आपने नोटिफिकेशन सब्‍सक्राइब नहीं किया है. अभी सब्‍सक्राइब करें.

Home >> बच्चों को बादाम, मछली, सोयाबीन रखेंगे दमा से दूर

बच्चों को बादाम, मछली, सोयाबीन रखेंगे दमा से दूर


admin ,Vniindia.com | Thursday December 07, 2017, 10:06:00 | Visits: 225







लंदन, 7 दिसंबर (वीएनआई)| आप अपने बच्चों के आहार में बादाम, मछली जैसे सैलमॉन, पटसन के बीज व सोयाबीन तेल में मौजूद जरूरी पॉलीअनसेचुरेटेड वसा अम्ल शामिल कर उन्हें एलर्जी संबंधी बीमारियों से दूर रखेंगे। इनका सेवन आपके बच्चे को खास तौर से दमा (अस्थमा) व नाक में जलन व श्लेष्मा झिल्ली में सूजन के जोखिम को रोकने में कारगर होगा। 



दमा व नाक के एलर्जी संबंधी रोग से बच्चों के बचपन पर असर पड़ता है। इसकी वजह या तो आनुवांशिक होती है या पर्यावरणीय कारकों का असर होता है।शोध के परिणाम बताते हैं कि पॉलीअनसेचुरेटेड वसा अम्लों की रक्त में बढ़ी मात्रा बच्चों में एलर्जी संबंधी रोगों के जोखिम को कम करने से जुड़ी हुई है। पॉलीअनसेचुरेड वसीय अम्ल में ओमेगा-3 व ओमेगा-6 वसा अम्ल आते हैं, जिन्हें एराकिडोनिक अम्ल कहते हैं। ऐसे बच्चों में, जिनमें आठ साल की उम्र में ओमेगा 3 का उच्च रक्त स्तर होता है, उनमें 16 साल की उम्र में दमा या नाक में जलन या श्लेष्मा झिल्ली में एलर्जी के विकसित होने की संभावना कम होती है। उच्चस्तर वाले ओमेगा-6 वसा अम्ल जिसे एराकिडोनिक अम्ल कहते हैं, यह 16 साल की उम्र में दमा के कम जोखिम से जुड़ा हुआ है। स्वीडेन के कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट की शोधकर्ता एना बर्गस्ट्रोम ने कहा, "चूंकि एलर्जी की अक्सर शुरुआत बचपन के दौरान होती है, ऐसे में इस शोध का मकसद पर्यावरण व जीवनशैली का एलर्जी संबंधी बीमारियों पर असर देखना था।" 



Latest News




कमेंट लिखें


आपका काममें लाइव होते ही आपको सुचना ईमेल पे दे दी जायगी

पोस्ट करें


कमेंट्स (0)


Sorry, No Comment Here.

संबंधित ख़बरें