Breaking News
राहुल गांधी ने भाजपा से पूछा, वो कौन है जो कमजोरों को तलाशकर कुचल देता है         ||           ग्रेटर नोएडा में इमारत गिरने से तीन की मौत         ||           संसद का मानसून सत्र आज से         ||           शेयर बाजार के शुरूआती कारोबार में तेजी का असर         ||           इंग्लैंड ने फिर पकड़ा जीत वाला रुट, भारत को 8 विकेट से हराकर सीरीज 2-1 से जीती         ||           कोहली और धोनी ने खेली जुझारू पारी, भारत ने इंग्लैंड को दिया 257 का लक्ष्य         ||           आज का दिन : कानन देवी         ||           शी जिनपिंग के पोस्टर पर स्याही फेंकने वाली चीनी महिला गिरफ्तार         ||           चुनाव आयोग ने लाभ का पद मामले में आप विधायकों को याचिकाकर्ता से जिरह करने की अनुमति नहीं दी         ||           स्वामी अग्निवेश पर भाजपा कार्यकर्ताओं का हमला         ||           ओवैसी ने बीजेपी से पूछा सेना में कितने मुस्लिम?         ||           भाजपा सांसद सावित्रीबाई फुले ने कहा मुगलसराय और इलाहाबाद का नाम बदलना मुस्लिमों को ठेस पहुंचा सकता है         ||           इंग्लैंड ने टॉस जीता, भारत को पहले बल्लेबाज़ी का न्योता         ||           सेंसेक्स 196 अंक की तेजी पर बंद         ||           सर्वोच्च न्यायलय ने समलैंगिकता के मामले पर फैसला रखा सुरक्षित         ||           सर्वोच्च न्यायलय ने कहा हर हाल में भीड़तंत्र को रोकना सरकार की जिम्मेदारी         ||           हसन अली की गर्दन में विकेट का जश्न मनाते समय पड़ी मोच         ||           बसपा की कांग्रेस को दो टूक, गठबंधन तीनों राज्यों हो नहीं तो किसी में भी नहीं         ||           टीवी-फिल्मों की प्यारी 'मां' रीता भादुड़ी का निधन         ||           केंद्र सरकार ने सभी चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन के जांच के दिए आदेश         ||           
close
Close [X]
अब तक आपने नोटिफिकेशन सब्‍सक्राइब नहीं किया है. अभी सब्‍सक्राइब करें.

Home >> रोहिंग्या पर अत्याचारों का म्यांमार सेना ने खंडन किया

रोहिंग्या पर अत्याचारों का म्यांमार सेना ने खंडन किया


admin ,Vniindia.com | Tuesday November 14, 2017, 12:27:00 | Visits: 96







नेपीथा, 14 नवंबर (वीएनआई)| रखाइन प्रांत में म्यांमार की सेना ने अभियान चलाने के दौरान रोहिंग्या मुसलमानों की हत्या करने, महिलाओं के साथ दुष्कर्म और अत्याचार करने के आरोपों से आज फिर इनकार किया है। 



समाचार एजेंसी के मुताबिक, अगस्त में रोहिंग्या विद्रोहियों के एक समूह द्वारा पुलिस चौकियों पर हमला किए जाने के बाद हालिया सैन्य अभियान की शुरुआत हुई, जिसके चलते अल्पसंख्यक समुदाय के 614,000 से अधिक लोगों को बांग्लादेश भागना पड़ा। सैन्य अभियान की कई संगठनों ने निंदा की और संयुक्त राष्ट्र मानव अधिकार उच्चायुक्त ने इसे 'जनजातीय सफाया' करने वाला कदम बताया। वहीं, सेना की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि सेना ने हमेशा इस बात को सुनिश्चित किया है कि सुरक्षा बल कानून के मुताबिक काम करें और निर्दोष नागरिकों की हत्या नहीं हो।  रिपोर्ट में कहा गया, "सुरक्षा बलों ने नागरिकों को गिरफ्तार नहीं किया। उन्हें नहीं मारा-पीटा और उनकी हत्या नहीं की। उन्होंने संपत्ति नहीं लूटी या नष्ट नहीं की..किसी ग्रामीण को धमकाया या डराया नहीं।" 



सेना ने कहा कि उसकी रिपोर्ट 3,217 रोहिंग्या ग्रामीणों से बातचीत पर आधारित है, जिन्हें देश के (म्यांमार) नागरिक के रूप में नागरिकता नहीं मिली है और रिपोर्ट में उन्हें बांग्लादेशी कहा गया है।  वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लेइंग के फेसबुक पेज पर प्राकशित रिपोर्ट के मुताबिक, 376 विद्रोहियों और सुरक्षा बलों के 13 सदस्यों की मौत की मौत संघर्ष में हुई है, जिन्हें 'बंगाली आतंकवादी' कहा गया है। साथ ही हुई है।  रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पलायन कर रहे लोगों को एक भी गोली नहीं मारी गई और विद्रोहियों को जिनेवा समझौते के प्रावधानों के अनुसार ही गिरफ्तार किया गया।मानवाधिकार संगठन एमेनस्टी इंटरनेशनल (एआई) ने इस रिपोर्ट को म्यांमार सेना द्वारा मानवता के खिलाफ अपराध को छुपाने के रूप में वर्णित किया है। 



Latest News



Latest Videos



कमेंट लिखें


आपका काममें लाइव होते ही आपको सुचना ईमेल पे दे दी जायगी

पोस्ट करें


कमेंट्स (0)


Sorry, No Comment Here.

संबंधित ख़बरें